
मिशन चौक से चांडक चौक तक यातायात बाधित, आजाद चौक पर रास्ता बंद होने से एम्बुलेंस के आवागमन को लेकर उठे सवाल
कटनी। शहर में गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धा और धार्मिक आयोजनों के बीच यातायात व्यवस्था को लेकर आम नागरिकों की परेशानियां भी सामने आने लगी हैं। शहर के मिशन चौक से चांडक चौक मार्ग पर एक गणेश पंडाल के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और मार्ग के बड़े हिस्से में आवागमन बाधित होने से वाहन चालकों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आजाद चौक क्षेत्र में पंडाल एवं आयोजन की व्यवस्थाओं के चलते सड़क का उपयोग सामान्य आवागमन के लिए सीमित हो गया है। इसके कारण आजाद चौक से लेकर गाटर घाट और राम मंदिर की ओर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। मिशन चौक से चांडक चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यातायात दबाव बढ़ने से स्थिति कई बार जाम जैसी बन रही है।
सबसे बड़ा सवाल—आपात स्थिति में एम्बुलेंस कैसे निकलेगी?
नागरिकों का सबसे गंभीर सवाल आपातकालीन सेवाओं को लेकर है। संबंधित मार्ग से एम्बुलेंस का आवागमन भी होता है। ऐसे में यदि कुठला थाना मार्ग की ओर से किसी गंभीर मरीज को लेकर एम्बुलेंस आजाद चौक की ओर पहुंचे और मार्ग पर आवागमन बाधित हो, तो आपात स्थिति में एम्बुलेंस के लिए वैकल्पिक रास्ता क्या होगा, यह सवाल प्रशासन की यातायात व्यवस्था पर उठ रहा है।
नागरिकों के अनुसार धार्मिक आयोजन के लिए अनुमति देते समय प्रशासन द्वारा यातायात, आपातकालीन वाहनों के आवागमन और आम जनता की सुविधा को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजन अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सार्वजनिक मार्ग पूरी तरह बाधित न हों, इसकी जिम्मेदारी भी संबंधित समिति और प्रशासन दोनों की है।
सड़क पर बैठने की व्यवस्था से भी बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आजाद चौक क्षेत्र में सड़क के हिस्से को रस्सियों से घेरकर बैठने की व्यवस्था की गई है। इससे सड़क की उपलब्ध चौड़ाई और कम हो गई है। कुछ वाहन चालकों ने रास्ता देने का आग्रह किया तो समिति के सदस्यों से कथित रूप से बहस एवं अभद्र व्यवहार की शिकायत भी सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
जिम्मेदारी किसकी?
अब आम नागरिकों का सीधा सवाल प्रशासन से है कि किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति देते समय क्या यातायात संचालन, एम्बुलेंस के लिए निर्बाध रास्ता और आम नागरिकों के आवागमन की व्यवस्था का परीक्षण किया गया था? यदि किया गया था, तो वर्तमान स्थिति में मिशन चौक से चांडक चौक और आजाद चौक क्षेत्र में यातायात इतनी देर तक बाधित क्यों हो रहा है?
नागरिकों की मांग है कि प्रशासन और यातायात पुलिस मौके का निरीक्षण कर स्थिति को स्पष्ट करे तथा धार्मिक आयोजन प्रभावित किए बिना एम्बुलेंस सहित आपातकालीन वाहनों के लिए निर्बाध कॉरिडोर और आम नागरिकों के आवागमन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करे। सवाल यह है कि आयोजन की अनुमति के साथ आम जनता की सुविधा और आपातकालीन सेवाओं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
