
कटनी। शहर के अमीरगंज क्षेत्र स्थित गौशाला में मवेशियों के रखरखाव और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मौके पर सामने आई स्थिति ने गौशाला प्रबंधन के उन दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जिनमें मवेशियों की बेहतर देखभाल, सुरक्षा और उचित रखरखाव किए जाने की बात कही जाती है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, गौशाला परिसर में मृत अवस्था में मवेशी पड़े हुए दिखाई दिए। वहीं गौशाला के पीछे की ओर कुछ मृत बछड़ों के शव भी पड़े होने की बात सामने आई है। बताया गया कि शवों के आसपास कौवे उन्हें नोचते हुए दिखाई दिए। गौशाला जैसी संवेदनशील जगह पर इस प्रकार की स्थिति सामने आने से पशु संरक्षण, साफ-सफाई और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मौके पर पहुंचीं समाजसेवी इंद्रा मिश्रा
मामले की जानकारी मिलने के बाद समाजसेवी इंद्रा मिश्रा मौके पर पहुंचीं और गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वहां दिखाई दे रही स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि गौशाला में मवेशियों की समुचित देखभाल और सुरक्षा नहीं हो पा रही है तो प्रशासन को इस व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए। मौके पर पहुंचीं और गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वहां दिखाई दे रही स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि गौशाला में मवेशियों की समुचित देखभाल और सुरक्षा नहीं हो पा रही है तो प्रशासन को इस व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए।
इंद्रा मिश्रा ने प्रशासन के समक्ष सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मवेशियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से नहीं रखा जा सकता तो उन्हें खुले में सड़कों पर ही रहने दिया जाए, कम से कम वहां उनके जीवित रहने की संभावना तो रहेगी। उन्होंने गौशाला में मृत मवेशियों के शवों के समय पर निस्तारण, बीमार एवं घायल पशुओं की देखभाल तथा जीवित मवेशियों के लिए भोजन, पानी और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की।
दावों और जमीनी हकीकत में अंतर?
गौशाला में मवेशियों की देखभाल को लेकर जिम्मेदारों द्वारा बेहतर व्यवस्था किए जाने का दावा किया जाता रहा है। ऐसे में यदि मौके पर मृत मवेशी पड़े मिलते हैं और पीछे की ओर बछड़ों के शवों के निस्तारण की व्यवस्था दिखाई नहीं देती, तो यह व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि मृत मवेशियों की वास्तविक संख्या, उनकी मृत्यु का कारण और शवों के निस्तारण की स्थिति की आधिकारिक जांच की जाए। साथ ही गौशाला में रखे गए मवेशियों की संख्या, उनके लिए उपलब्ध चारा-पानी, चिकित्सकीय सुविधा, स्वच्छता व्यवस्था और नियमित निगरानी की भी जांच की आवश्यकता है।
प्रशासन से स्थल निरीक्षण और जांच की मांग
समाजसेवी एवं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अमीरगंज स्थित गौशाला का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। यदि व्यवस्थाओं में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही मृत मवेशियों के शवों का नियमानुसार निस्तारण और जीवित मवेशियों के लिए पर्याप्त भोजन, पानी, उपचार एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
अब सवाल यह है कि जिस उद्देश्य से मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए गौशाला संचालित की जा रही है, क्या वहां उन्हें वास्तव में अपेक्षित सुरक्षा और देखभाल मिल रही है? इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
