
MP21 ZG 8338 ई-रिक्शा में करीब ₹5 हजार की लाल मसाला शराब होने की सूचना; बरगवां शराब ठेके से चांडक चौक तक पहुंचने की चर्चा, चांडक चौक के शराब दुकान संचालकों को कैसे मिली जानकारी?
कटनी। शहर में शराब के परिवहन से जुड़ा एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार MP21 ZG 8338 नंबर के ई-रिक्शा के माध्यम से करीब ₹5 हजार कीमत की लाल मसाला शराब ले जाई जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी में यह शराब बरगवां स्थित शराब ठेके से लाई गई होने की बात सामने आ रही है।
बताया गया कि ई-रिक्शा जब चांडक चौक की ओर पहुंचा, तभी चांडक चौक स्थित शराब दुकान से जुड़े लोगों को उसके बारे में जानकारी मिली और उन्होंने ई-रिक्शा को रुकवाकर उसकी जांच की। इसके बाद वाहन में शराब रखे होने की बात सामने आई। अब पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि चांडक चौक
यदि ई-रिक्शा में बरगवां स्थित शराब ठेके से शराब लाई जा रही थी, तो यह भी जांच का विषय है कि बरगवां ठेके से शराब किसके माध्यम से निकली, ई-रिक्शा में किसने रखी, परिवहन के लिए किसे जिम्मेदारी दी गई और चांडक चौक तक शराब पहुंचाने का उद्देश्य क्या था।
जानकारी मिलने से लेकर वाहन पकड़े जाने तक जांच जरूरी
मामले में यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि चांडक चौक शराब दुकान से जुड़े लोगों को ई-रिक्शा की गतिविधि की जानकारी किसने दी। क्या उन्हें बरगवां से ही किसी व्यक्ति ने सूचना दी थी, क्या ई-रिक्शा की पहले से निगरानी की जा रही थी या मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने शराब परिवहन की जानकारी दी—इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वहीं, यदि चांडक चौक स्थित शराब दुकान के कर्मचारियों या संचालकों ने स्वयं ई-रिक्शा को रोककर शराब पकड़ी, तो यह भी सवाल उठता है कि क्या पूरे मामले की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा आबकारी विभाग को दी गई और क्या वाहन तथा शराब को आधिकारिक रूप से जब्त कर कार्रवाई की गई?
जवाबदार कौन, जांच से सामने आएगा सच
पूरे मामले में जवाबदेही केवल ई-रिक्शा चालक तक सीमित है या फिर शराब के स्रोत तक भी जांच पहुंचेगी, यह महत्वपूर्ण सवाल है। यदि शराब बरगवां स्थित ठेके से निकली थी, तो ठेके से शराब बाहर जाने की प्रक्रिया, बिक्री का रिकॉर्ड, बिल/रसीद, शराब की मात्रा और परिवहन की अनुमति की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल करीब ₹5 हजार की लाल मसाला शराब और MP21 ZG 8338 ई-रिक्शा को लेकर सामने आई जानकारी की आधिकारिक पुष्टि तथा यह स्पष्ट होना बाकी है कि शराब बरगवां ठेके से ही लाई गई थी या नहीं। पुलिस एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि इस पूरे मामले में कौन-कौन जिम्मेदार है और शराब चांडक चौक तक कैसे पहुंची।
