
विजयादशमी पर कटनी जिले में एक साथ 52 स्थानों पर निकले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन, शस्त्र पूजन के साथ मनाया गया शताब्दी वर्ष का उत्सव
कटनी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एकमात्र उद्देश्य है ‘भारत माता की जय’। भारत की विश्वभर में जय-जयकार हो, हमारा राष्ट्र विश्व में अग्रणी स्थान प्राप्त करे। यह किसी प्रतिस्पर्धा का विषय नहीं, बल्कि भारत के सत्य, सामर्थ्य और विश्व के प्रति उसके योगदान का संकल्प है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका भारत को विश्व के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार करना है। संघ की कार्यपद्धति के दो प्रमुख पक्ष हैं—पहला, संस्कारित मनुष्यों का निर्माण करना और दूसरा, उन संस्कारित व्यक्तियों को समाजहित के कार्यों में लगाना। इन्हीं प्रयासों से राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

उक्त विचार सतना विभाग के कार्यवाह अमित कनकने ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कटनी जिले के तिलक उपनगर अंतर्गत दुबे कॉलोनी बस्ती में आयोजित विजयादशमी उत्सव के दौरान व्यक्त किए। कार्यक्रम में शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अमित कनकने ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ की स्थापना के उद्देश्य, उसकी कार्यपद्धति और राष्ट्र निर्माण में शाखा की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
शाखा है व्यक्ति निर्माण का केंद्र, संस्कारों से होगा राष्ट्र का उत्थान

अमित कनकने ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना विजयादशमी के पावन अवसर पर हुई थी। विजयादशमी भारतीय संस्कृति और परंपरा में विशेष महत्व रखती है। उन्होंने विभिन्न युगों की पौराणिक कथाओं और उनके संदेशों के माध्यम से धर्म, सत्य, संस्कार और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की महत्ता समझाई।
उन्होंने कहा कि संघ की शाखा व्यक्ति निर्माण का केंद्र है। शाखा के माध्यम से व्यक्ति में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुण विकसित किए जाते हैं। जब संस्कारित व्यक्ति समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय होकर कार्य करते हैं, तब राष्ट्र जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इसी उद्देश्य से संघ ने पंच परिवर्तन के विचार को समाज के सामने रखा है। इन प्रयासों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाकर भारत को परम वैभव तक पहुंचाने का संकल्प साकार किया जा सकता है।
उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे अपने आचरण, व्यवहार और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें तथा समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करें।
शताब्दी वर्ष में सेवा कार्यों से बनी विशेष पहचान
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती चित्रा प्रभात तथा विशिष्ट अतिथि सरमन तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने सौ वर्षों के सफर में विभिन्न सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में विशेष पहचान बनाई है। संघ के शताब्दी वर्ष का अवसर उसके कार्यों, विचारों और सामाजिक योगदान को समझने के साथ राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प लेने का भी अवसर है।
कार्यक्रम के मंच पर बस्ती प्रमुख रमेश मोटाटकर उपस्थित रहे। विजयादशमी उत्सव के दौरान विधिवत शस्त्र पूजन किया गया। इसके बाद स्वयंसेवकों ने अनुशासन, एकरूपता और समर्पण का परिचय देते हुए पथ संचलन किया।
विष्णु वेद विद्यालय से शुरू हुआ संचलन, तुलसी नगर में हुआ समापन
तिलक उपनगर में आयोजित पथ संचलन विष्णु वेद विद्यालय से प्रारंभ होकर तुलसी नगर में संपन्न हुआ। पूर्ण अनुशासन और निर्धारित पद्धति के अनुरूप निकले संचलन ने क्षेत्र में उत्सव का वातावरण निर्मित किया। स्वयंसेवकों की कदमताल और एकरूपता ने कार्यक्रम को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।
संचलन के मार्ग में तिलक उपनगर की मातृशक्ति एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने जगह-जगह स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। पूरे आयोजन में सामाजिक सहभागिता और संगठनात्मक अनुशासन की झलक देखने को मिली।
विजयादशमी पर जिले के 52 स्थानों पर संचलन और शस्त्र पूजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर कटनी जिले के विभिन्न मंडलों और स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विजयादशमी के दिन जिले में एक साथ 52 स्थानों पर पथ संचलन एवं शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से स्वयंसेवकों ने संगठन के शताब्दी वर्ष को उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में संघ की शाखा पद्धति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और सेवा के संकल्प को प्रमुखता से सामने रखा गया। इन आयोजनों को शताब्दी वर्ष के दौरान चल रही गतिविधियों की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
एक नवंबर को कटनी नगर में निकलेगा वृहद पथ संचलन
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की अगली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आगामी 1 नवंबर को कटनी नगर में वृहद पथ संचलन एवं एकत्रीकरण का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचलन दोपहर 3 बजे तीन स्थानों—सेक्रेड हार्ट विद्यालय, निर्मल सत्य गार्डन और लाल परेड ग्राउंड—से प्रारंभ होगा। तीनों स्थानों से निकलने वाले संचलन फॉरेस्टर प्लेग्राउंड में पहुंचकर संपन्न होंगे, जहां एकत्रीकरण का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
आयोजन को लेकर सभी स्वयंसेवकों से पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है। कटनी नगर में प्रस्तावित यह वृहद आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण कड़ी होगा।
विजयादशमी के अवसर पर जिले के 52 स्थानों पर हुए संचलन और शस्त्र पूजन से लेकर आगामी एक नवंबर को प्रस्तावित नगर स्तरीय आयोजन तक, संघ की गतिविधियों में अनुशासन, संगठन, संस्कार और राष्ट्रसेवा का संदेश प्रमुखता से सामने आ रहा है।
