
करोड़ों की लागत से बने बरगवां-जगन्नाथ फ्लाईओवर की गुणवत्ता को लेकर चिंता, अधिवक्ता संघ व कांग्रेस ने उठाई आवाज
कटनी। शहर के बरगवां से जगन्नाथ क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण जगन्नाथ सेतु की वर्तमान स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस फ्लाईओवर के निर्माण को अभी पांच वर्ष भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर निर्माण से संबंधित सरिया बाहर निकलने की स्थिति सामने आने के बाद इसकी गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर आम नागरिकों में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के लिए महत्वपूर्ण इस सेतु से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि पुल के निर्माण में कहीं तकनीकी कमी अथवा समय पर आवश्यक रखरखाव का अभाव है, तो भविष्य में यह गंभीर समस्या का कारण बन सकता है। पुल के कुछ हिस्सों में सरिया दिखाई देने की स्थिति को लेकर नागरिकों ने संबंधित विभाग से तत्काल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
15 वर्ष की अपेक्षा, पांच साल में ही सवाल
जगन्नाथ सेतु के निर्माण को लेकर अब यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए इस महत्वपूर्ण फ्लाईओवर की संरचनात्मक स्थिति इतनी कम अवधि में चिंता का विषय क्यों बन रही है। नागरिकों और विभिन्न संगठनों का कहना है कि इतने बड़े सार्वजनिक निर्माण से लंबे समय तक मजबूती और सुरक्षित आवागमन की अपेक्षा की जाती है।
हालांकि पुल की वर्तमान स्थिति के पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए संबंधित निर्माण एजेंसी एवं विभाग द्वारा विशेषज्ञों के माध्यम से सेतु का विस्तृत निरीक्षण कराकर उसकी गुणवत्ता और संरचनात्मक सुरक्षा की रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग उठ रही है।
जिला अधिवक्ता संघ ने भी उठाई आवाज
जगन्नाथ सेतु की स्थिति को लेकर कटनी जिला अधिवक्ता संघ की ओर से भी चिंता व्यक्त किए जाने की बात सामने आई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सार्वजनिक धन से निर्मित किसी भी बड़े निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जिला कांग्रेस कमेटी ने मांगा जवाब
वहीं जिला कांग्रेस कमेटी, कटनी की ओर से भी सेतु की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने तथा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच की मांग की है। पार्टी की ओर से जिले के जनप्रतिनिधियों से भी इस मामले में आवाज उठाकर शासन-प्रशासन से जवाब मांगने की अपेक्षा जताई गई है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जगन्नाथ सेतु केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि शहर के आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए इसकी सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। पुल पर जगह-जगह निर्माण सामग्री के कमजोर पड़ने अथवा सरिया बाहर निकलने की स्थिति यदि वास्तव में मौजूद है, तो उसे केवल सामान्य रखरखाव का विषय न मानते हुए तकनीकी स्तर पर जांचा जाना चाहिए।
नागरिकों ने मांग की है कि सेतु का तत्काल तकनीकी एवं संरचनात्मक निरीक्षण कराया जाए, निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो, निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुआ यह महत्वपूर्ण फ्लाईओवर आने वाले वर्षों में सुरक्षित और मजबूत बना रहेगा या समय से पहले सामने आईं ये खामियां किसी बड़ी समस्या का संकेत हैं। इसका जवाब तकनीकी जांच और जिम्मेदार विभाग की रिपोर्ट से ही सामने आएगा।
