कटनी की प्रतिष्ठित कृषि उपज मंडी में बदहाली, गंदगी और अव्यवस्था से व्यापारी व किसान परेशान….

कटनी। जिले की प्रतिष्ठित कृषि उपज मंडी, जहां प्रतिदिन सैकड़ों किसान और व्यापारी अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं, आज बदहाली और अव्यवस्था का शिकार नजर आ रही है। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर, खुले नाले और कचरे का अंबार दिखाई दे रहा है। तस्वीरें साफ तौर पर दर्शाती हैं कि यहां स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

मंडी परिसर में खुले पड़े नाले और कचरे के ढेर दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा सफाई व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। व्यापारियों, किसानों और आम नागरिकों का कहना है कि बदबू, गंदगी और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है? कटनी नगर निगम, जो शहर की स्वच्छता व्यवस्था का दावा करता है, या फिर कृषि उपज मंडी प्रशासन, जिसके अधीन मंडी परिसर का संचालन होता है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मंडी प्रशासन परिसर की देखरेख के लिए जिम्मेदार है तो नियमित सफाई और नालों की मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही। वहीं यदि नगर निगम का दायित्व है तो फिर स्वच्छता अभियान के दावे केवल कागजों तक ही सीमित क्यों हैं?
किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी परिसर में तत्काल सफाई अभियान चलाकर कचरे के ढेर हटाए जाएं, खुले नालों को ढंका जाए तथा आवागमन और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडी में आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
प्रमुख सवाल
मंडी परिसर में फैली गंदगी के लिए जिम्मेदार कौन?
खुले नालों और कचरे के ढेरों की सुध कब लेगा प्रशासन?
क्या किसानों और व्यापारियों को सुविधाएं देने के बजाय परेशान करने के लिए बनाई गई है यह व्यवस्था?
नगर निगम और मंडी प्रशासन में से कौन निभाएगा अपनी जिम्मेदारी?
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और मंडी की बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
