
दिल्ली में पत्रकारों को हिरासत में लेने और उपकरण जब्त किए जाने के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने पर दिया जोर
कटनी। दिल्ली में प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने के मामले को लेकर द जर्नलिस्ट एसोसिएशन (पत्रकार संगठन संघ), कटनी ने आवाज उठाई है। गुरुवार को संगठन के पदाधिकारी एवं पत्रकार कटनी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, भारत सरकार तथा पुलिस अधीक्षक कटनी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, हिरासत में लिए गए पत्रकारों को रिहा करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में चल रहे नागरिक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान कई पत्रकारों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। इस दौरान उनके कैमरे और अन्य पत्रकारिता उपकरण जब्त किए जाने तथा उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। संगठन ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
पत्रकारों की रिहाई और जब्त उपकरण लौटाने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि हिरासत में लिए गए सभी पत्रकारों को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए तथा उनके जब्त कैमरे, उपकरण और अन्य सामग्री वापस लौटाई जाए। संगठन ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने और जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग भी रखी।
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
द जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून शीघ्र लागू करने का आग्रह किया। संगठन का कहना है कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का दायित्व निभाते हैं। ऐसे में समाचार संकलन और घटनाओं की कवरेज के दौरान उनकी सुरक्षा, गरिमा एवं स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
ज्ञापन में सार्वजनिक प्रदर्शनों, धरना-प्रदर्शनों और अन्य आयोजनों की कवरेज के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई। साथ ही वैध प्रेस पहचान-पत्र रखने वाले पत्रकारों को उनके पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करने से नहीं रोके जाने तथा पुलिसकर्मियों को पत्रकारिता की स्वतंत्रता, मीडिया अधिकारों और प्रेस के प्रति संवेदनशीलता के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की रक्षा पर जोर
संगठन ने प्रशासन से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित कदम उठाने का आग्रह किया। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रकारों को बिना किसी भय या दबाव के जनहित से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग करने का अवसर मिलना चाहिए। पत्रकारों की सुरक्षा और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाना समय की आवश्यकता है।
द जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष महेंद्र सोनी गुप्ता के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। संगठन ने उम्मीद जताई कि संबंधित स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
