
2020 में सड़क निर्माण पूरा होने तक इंजीनियर को थाने में बैठाने की कार्रवाई बनी थी चर्चा का विषय, छह साल बाद अधूरे निर्माण और गड्ढों के बीच सवाल—आखिर कब बदलेगी शहर की तस्वीर?

कटनी। कटनी शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2020 में तत्कालीन कलेक्टर शशिभूषण सिंह द्वारा सड़क निर्माण को लेकर दिखाई गई सख्ती आज भी लोगों को याद है। उस समय सड़क निर्माण में देरी को लेकर संबंधित इंजीनियर को कुठला थाने में बैठाया गया था और सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद ही थाने से बाहर निकलने के निर्देश दिए गए थे। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही इंजीनियर थाने से बाहर निकल सके थे।
उस समय कलेक्टर शशिभूषण सिंह की यह सख्त कार्रवाई इसलिए चर्चा में आई थी क्योंकि सड़क निर्माण जैसे सार्वजनिक कार्य में आम नागरिकों को परेशानी न हो, इसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया था। सड़क निर्माण में देरी को लेकर जिम्मेदारी तय करने का यह तरीका शहर में लंबे समय तक चर्चा का विषय रहा।
छह साल बाद फिर वहीं खड़ा कटनी

वर्ष 2020 के उस दौर के बाद अब वर्ष 2026 में शहर की सड़कों की तस्वीर पर नजर डालें तो हालात को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं। कई मार्गों पर सड़क निर्माण अधूरा है। कहीं गड्ढों में गिट्टी और पत्थर डाले गए हैं तो कहीं डस्ट और निर्माण सामग्री के बीच से वाहन गुजर रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
सड़क के नाम पर गड्ढे, गिट्टी और खतरा
शहर के कई हिस्सों में सड़कें कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई देने की स्थिति बन गई है। गड्ढों में डाली गई गिट्टी और बड़े पत्थर भारी वाहनों के पहियों की चपेट में आने के बाद उछल सकते हैं। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
सवाल यह भी है कि यदि किसी मार्ग पर सड़क निर्माण अधूरा है तो वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और चेतावनी संकेत क्यों नहीं दिखाई देते? आखिर निर्माण पूरा होने तक नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
मित्तल मॉल के पास हादसे ने बढ़ाई चिंता

अधूरे सड़क निर्माण को लेकर चिंता उस समय और बढ़ गई, जब दो दिन पूर्व मित्तल मॉल के पास सड़क हादसे में एक किशोर की जान चली गई। हादसे के बाद सड़क की स्थिति और अधूरे निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठे हैं।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद जिला प्रशासन के स्तर से संबंधित विभाग को सड़क निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन अब लोगों का सवाल है कि

आज फिर याद आ रहे हैं पूर्व कलेक्टर शशिभूषण सिंह
कटनी शहर में सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति के बीच वर्ष 2020 की वह कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है।
यह तुलना किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि इस बात को लेकर है कि
जनता पूछ रही—कब तक चलेगा अधूरे निर्माण का सिलसिला?
कटनी शहर की जनता को गड्ढों, धूल, गिट्टी और अधूरी सड़कों से राहत कब मिलेगी? क्या हर हादसे के बाद ही सड़क निर्माण की स्थिति की समीक्षा होगी? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा की नियमित निगरानी होगी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि

वर्ष 2020 में शशिभूषण सिंह की सख्ती और वर्ष 2026 की सड़कें—इन दोनों तस्वीरों के बीच अब कटनी की जनता प्रशासन से सिर्फ निर्देश नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला स्थायी समाधान चाहती है।
