कटनी। माधवनगर थाना क्षेत्र में जहर सेवन से हुई युवक अजीत मिश्रा उर्फ राजू मिश्रा (35) की मौत का मामला अब शहर में चर्चा का विषय बनता जा रहा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आने से परिजनों और स्थानीय लोगों में असंतोष देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मृतक ने कथित तौर पर जहर सेवन करने से पूर्व एक सुसाइड नोट छोड़ा था। परिजनों का दावा है कि इस नोट में उसने अपनी आत्महत्या के लिए कुछ व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराते हुए मानसिक प्रताड़ना, जातिगत अपमान तथा सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने का उल्लेख किया है। परिजनों के अनुसार, नोट में रजनी निषाद और राजकुमार रजक नामक व्यक्तियों के नाम भी लिखे गए हैं। हालांकि, सुसाइड नोट की सत्यता और उसमें लिखी गई बातों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के अधीन है।
मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि यदि सुसाइड नोट पुलिस के कब्जे में है और उसमें किसी प्रकार के आरोप दर्ज हैं, तो अब तक इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है। परिजनों का कहना है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच आवश्यक है।
स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि आत्महत्या जैसे संवेदनशील मामलों में यदि मृतक द्वारा किसी प्रकार के आरोप लगाए गए हैं, तो पुलिस को तथ्यों की शीघ्र जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि न्याय व्यवस्था पर आमजन का विश्वास बना रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की सत्यता, उसमें लिखे तथ्यों, घटनाक्रम तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
मृतक के परिजन एवं शुभचिंतक मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराई जाए तथा यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। फिलहाल मामला जांच के अधीन है, लेकिन अब तक किसी स्पष्ट कार्रवाई के अभाव में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में सभी की निगाहें पुलिस जांच के निष्कर्ष और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
