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कटनी। मुड़वारा क्षेत्र के बिस्तरा गांव में 24 मई को बंद पड़ी खदान में डूबने से 21 वर्षीय युवक की हुई मौत के बाद भी पीड़ित परिवार को राहत और न्याय की उम्मीद में भटकना पड़ रहा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित पहल नहीं होने पर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।
बुधवार 3 जून को कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता अमित शुक्ला बिस्तरा गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बंद और परित्यक्त खदानें क्षेत्र में लगातार हादसों का कारण बन रही हैं, इसलिए ऐसी खदानों की फेंसिंग कराई जाए अथवा उन्हें पूरी तरह भरवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मृतक के परिजनों के समक्ष ही अमित शुक्ला ने खनिज विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की। इस दौरान खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित ने बताया कि मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा चुकी है तथा विभाग आवश्यक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रहा है।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि 24 मई को हादसा होने के बाद से अब तक क्षेत्रीय विधायक संदीप जायसवाल पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दुख की इस घड़ी में परिवार को जनप्रतिनिधियों के सहयोग और संवेदनशीलता की अपेक्षा थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा जिले की सभी बंद और जलभराव वाली खदानों का सर्वे कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और प्रशासनिक सहायता की प्रतीक्षा कर रहा है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
