
शव रखकर प्रदर्शन, रस्सी बांधकर कटनी मार्ग पर रोका आवागमन; थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के आश्वासन के बाद खुला मार्ग
विजयराघवगढ़। बुधवार सुबह करीब 11 बजे स्कूली वैन से हुए हादसे में कक्षा तीसरी के 10 वर्षीय छात्र जीत यादव की मौत हो गई। घटना के बाद परिजन और स्थानीय नागरिक आक्रोशित हो गए तथा आजाद चौक पर शव रखकर प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान आजाद चौक से विजयराघवगढ़ बस स्टैंड होते हुए कटनी जाने वाले मार्ग पर रस्सियां बांधकर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार द्वारका स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र जीत यादव सुबह स्कूली वैन से स्कूल जा रहा था। वैन विजयराघवगढ़ में नदी पार पानी की टंकी के पास पहुंची, तभी छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में वाहन से नीचे गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद चक्काजाम
छात्र की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन और स्थानीय नागरिक आजाद चौक पर एकत्रित हो गए। लोगों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू किया और स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
प्रदर्शन के दौरान आजाद चौक से विजयराघवगढ़ बस स्टैंड होते हुए कटनी जाने वाले मार्ग पर रस्सी बांधकर वाहनों को रोका गया। इससे मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी हादसे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
थाना प्रभारी ने संभाली स्थिति
चक्काजाम की सूचना मिलने पर विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी अभिषेक चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और नागरिकों से चर्चा की तथा मामले में न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुलिस द्वारा समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त किया। इसके बाद पुलिस ने आजाद चौक मार्ग से अवरोध हटवाकर राहगीरों और वाहनों के लिए रास्ता खुलवाया, जिससे यातायात बहाल हो सका।
स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्कूली वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और संचालन व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी की लापरवाही थी या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
