
टेढ़ी पंचायत के सुनहरा भटगवां और सुनहरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, सरकारी रकबे में पेड़ों की कटाई और परिवहन की शिकायत
कटनी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ों की कथित अवैध कटाई को लेकर अब ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की है। ग्राम पंचायत टेढ़ी के ग्राम सुनहरा भटगवां और सुनहरी के ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। ग्रामीणों ने जंगल और पेड़ों को बचाने की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर शासकीय भूमि पर हो रही कथित अवैध पेड़ कटाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि पिछले कई महीनों से क्षेत्र के शासकीय रकबे में बिना प्रशासनिक स्वीकृति अथवा अनुमति के हरे-भरे, पुराने एवं छायादार पेड़ों की कटाई किए जाने की शिकायत सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेड़ों की कटाई के बाद उनका परिवहन भी किया जा रहा है। ज्ञापन में नीम, पीपल, बरगद और आम जैसे महत्वपूर्ण पेड़ों के काटे जाने का उल्लेख किया गया है।
पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर असर की चिंता
ग्रामीणों ने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से क्षेत्र का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। इससे तापमान बढ़ने के साथ स्थानीय वन्यजीवों और पक्षियों के प्राकृतिक आवास पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते पेड़ों की कटाई पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में क्षेत्र को गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।
महिलाओं और बच्चों ने भी जताई चिंता
वन एवं पर्यावरण को बचाने की मांग को लेकर ग्रामीण महिलाएं अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक हैं। इसलिए जंगल और शासकीय भूमि पर मौजूद वृक्षों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
निष्पक्ष निरीक्षण और कार्रवाई की मांग
