
पोडार इंटरनेशनल स्कूल में परिवहन समिति की बैठक, ब्रेथलाइजर जांच से लेकर CCTV-GPS तक सुरक्षा इंतजामों की हुई समीक्षा

कटनी। विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कटनी यातायात पुलिस और पोदार इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन ने गंभीरता दिखाई है। मंगलवार को पोदार इंटरनेशनल स्कूल, कटनी में यातायात पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में परिवहन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूल बसों के सुरक्षा मानकों, चालकों के सत्यापन, ब्रेथलाइजर जांच, CCTV कैमरे, GPS ट्रैकिंग, आपातकालीन व्यवस्थाओं तथा ऑटो-ई-रिक्शा से आने-जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत परिवहन समिति के सदस्यों के परिचय से हुई। विद्यालय के प्राचार्य योगेंद्र सिंह ने समिति के सदस्यों का औपचारिक परिचय कराया। इसके बाद विद्यालय की ओर से ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से बस चालकों एवं परिवहन सहायकों की भर्ती, दस्तावेजीकरण, पात्रता, पुलिस सत्यापन तथा सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
बसों में सुरक्षा इंतजामों की हुई समीक्षा
प्रस्तुति के दौरान विद्यालय की बसों में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई, जिसमें फायर एग्जिट, अग्निशामक यंत्र, CCTV कैमरे, GPS ट्रैकिंग, आपातकालीन संपर्क नंबर एवं विद्यार्थियों से संबंधित आवश्यक जानकारी शामिल है। अधिकारियों ने चालकों को परिवहन ड्यूटी सौंपने से पहले उनकी शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस, आचरण और व्यावहारिक योग्यता की जांच को आवश्यक बताया।
ब्रेथलाइजर जांच को लेकर विशेष जोर
बैठक में विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए वाहन चालकों की प्रतिदिन ड्यूटी शुरू होने से पहले ब्रेथलाइजर जांच किए जाने पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्षीय चर्चा में कहा गया कि बच्चों को ले जाने वाले चालक पूरी तरह स्वस्थ और नशामुक्त स्थिति में हों, यह सुनिश्चित करना परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए प्रत्येक सुबह अधिकृत जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा जांच किए जाने की आवश्यकता बताई गई।
ऑटो-ई-रिक्शा में बच्चों की सुरक्षा भी बनी बड़ा मुद्दा
बैठक में विद्यार्थियों के ऑटो एवं ई-रिक्शा से आवागमन को लेकर अभिभावकों की चिंताओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने आवश्यकता वाले वाहनों में सुरक्षात्मक धातु की जाली अथवा फेंसिंग लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही अभिभावकों से कहा गया कि वे बच्चों को तब तक मोटर वाहन चलाने के लिए न दें, जब तक वे वाहन चलाने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत एवं योग्य न हों।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि असुरक्षित, अनधिकृत अथवा अनुपयुक्त परिवहन व्यवस्था के कारण किसी घटना या दुर्घटना की स्थिति में संबंधित अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है।
चालक के व्यवहार पर नजर रखने की सलाह
अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे चालक के व्यवहार, वाहन की स्थिति, परिवहन व्यवस्था अथवा छात्र सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चिंता की जानकारी तत्काल विद्यालय के संबंधित अधिकारियों को दें। निजी तौर पर व्यवस्थित वाहनों के संबंध में भी यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि वाहन सुरक्षित एवं उचित रूप से मेंटेन हों और जिम्मेदार तथा योग्य चालक ही उनका संचालन करें।
सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी की
यातायात पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही केवल विद्यालय या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अभिभावक, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, चालक, परिवहन कर्मचारी, पुलिस एवं यातायात विभाग सभी की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में विद्यार्थियों के प्रस्थान के समय उचित समन्वय, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
साथ ही चालक या परिवहन कर्मचारी से संबंधित शिकायत, दुर्व्यवहार अथवा किसी भी प्रकार की सुरक्षा समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की जानकारी दी गई।
यातायात पुलिस ने जताया संतोष
सूबेदार सोनम उइके ने विद्यालय में संचालित बस सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में और बेहतर सुरक्षा के लिए आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमों के पालन और सतत निगरानी पर जोर दिया।
बैठक में प्राचार्य योगेंद्र सिंह, सूबेदार सोनम उइके, सहायक उप-निरीक्षक यातायात, अशोक कुमार सिंह, यातायात पुलिस के मंजय कुमार, गुरप्रीत सिंह (आर.टी.एम., पोदार), अभिभावक नीलम सेन, अंचल खम्परिया, आशीष गोयनका एवं राजीव कुमार उमरे सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक का समापन विद्यालय के प्राचार्य योगेंद्र सिंह द्वारा आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
