
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आगे आई टीम, हाईवे पर सुरक्षित आवागमन के लिए सड़क किनारे चलने की दी सलाह
मैहर/कटनी। आस्था, विश्वास और सेवा की भावना जब एक साथ दिखाई देती है, तो वह लोगों के दिलों को छू जाती है। इसी सेवा भाव का परिचय देते हुए NHIT टीम ने मैहर माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की मदद के लिए सराहनीय पहल की। मंदिर दर्शन की अभिलाषा लेकर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को टीम की ओर से केले, पानी और बिस्कुट वितरित किए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं को न केवल आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई, बल्कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईवे पर सावधानीपूर्वक चलने की समझाइश भी दी गई।
मैहर माता के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा में कई बार लंबा सफर, थकान और रास्ते में खान-पान की असुविधा जैसी चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में NHIT टीम की यह पहल यात्रियों के लिए मददगार साबित हुई। टीम के सदस्यों ने श्रद्धालुओं को केले, बिस्कुट और पीने का पानी देकर उनकी यात्रा को कुछ हद तक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया। इस पहल के पीछे श्रद्धालुओं की सहायता करने के साथ-साथ हाईवे पर सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन बनाए रखने की भावना भी रही।
सेवा के साथ सुरक्षा का भी रखा ध्यान
श्रद्धालुओं को खाद्य सामग्री वितरित करने के दौरान टीम ने उन्हें सड़क पर चलते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। श्रद्धालुओं से कहा गया कि वे हाईवे पर सड़क के किनारे-किनारे चलें, अनावश्यक रूप से सड़क के बीच में न आएं और तेज गति से गुजरने वाले वाहनों से दूरी बनाए रखें। हाईवे पर थोड़ी-सी लापरवाही भी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए यात्रा के दौरान अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
टीम की ओर से दिया गया यह संदेश विशेष महत्व रखता है, क्योंकि धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालु अक्सर समूहों में पैदल चलते हैं। ऐसे में यातायात नियमों और सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करना न केवल स्वयं की सुरक्षा के लिए, बल्कि अन्य वाहन चालकों की सुविधा के लिए भी जरूरी है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता
इस सेवा एवं सुरक्षा संबंधी पहल में कॉरिडोर मैनेजर गौतम सर, रूट पेट्रोलिंग ऑफिसर संजय सिंह, ईएमटी चंद्रभान तथा ईएमटी मोहित राज मिश्रा की सहभागिता रही। टीम ने श्रद्धालुओं की सहायता करते हुए उन्हें सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
NHIT टीम की यह पहल दर्शाती है कि हाईवे प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ-साथ यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता भी महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना एक मानवीय प्रयास रहा, वहीं उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना संभावित दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में भी उपयोगी कदम है।
मैहर माता के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं के लिए केले, पानी और बिस्कुट का वितरण केवल खाद्य सामग्री बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना का संदेश भी दिया। धार्मिक यात्रा पर निकले लोगों की जरूरतों को समझते हुए उनकी सहायता करना समाज में सकारात्मकता और सहयोग की भावना को मजबूत करता है।
NHIT टीम की इस पहल ने यह संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में हर स्तर पर सहयोग जरूरी है। आस्था के मार्ग पर सेवा का हाथ बढ़ाना और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, दोनों ही समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।
