डीएसपी रत्नेश मिश्रा ने पुलिस पक्ष रखा, परिजनों ने वृद्ध महिला से मारपीट का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की
कटनी। कुठला थाना परिसर के बाहर आग से झुलसे दलपत पटेल की जबलपुर में उपचार के दौरान मौत के बाद शनिवार को उनका शव कटनी लाया गया। शव पन्ना मोड़ पहुंचने पर परिजनों और समर्थकों ने आक्रोश जताते हुए चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही कटनी जिले के साथ जबलपुर क्षेत्र का पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया। स्थिति को देखते हुए डीएसपी रत्नेश मिश्रा, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा कर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने घटना का यह बताया घटनाक्रम
मौके पर मौजूद डीएसपी रत्नेश मिश्रा ने बताया कि बीते शुक्रवार को चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए दलपत पटेल की पत्नी गुड्डी बाई को कुठला थाने बुलाया गया था। इसी दौरान दलपत पटेल ऑटो से थाने पहुंचे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने थाने के बाहर ऑटो में पेट्रोल डालकर स्वयं को आग लगा ली। आग की लपटों में झुलसते हुए वह थाना परिसर की ओर भागे, जिसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल आग बुझाई और उन्हें उपचार के लिए कटनी जिला अस्पताल पहुंचाया।
गंभीर रूप से झुलसने के कारण दलपत पटेल को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शनिवार को शव परिजनों के साथ कटनी लाया गया।
चोरी के मामले में पूछताछ का पुलिस पक्ष
डीएसपी ने बताया कि गुड्डी बाई को चोरी के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस के अनुसार, चोरी के मामले में जेल में बंद मोहित पटेल से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर सुनार की दुकान के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई थी। पुलिस का कहना है कि फुटेज में गुड्डी बाई को सोने की सामग्री बेचते हुए देखा गया था, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया।
पुलिस ने यह भी बताया कि वर्तमान जानकारी के अनुसार
दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि दलपत की पत्नी गुड्डी बाई के साथ कुठला थाने में मारपीट की गई। परिजनों का कहना है कि वृद्ध महिला के साथ उनकी उम्र को देखते हुए ऐसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए था। परिजनों ने कथित मारपीट की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिजनों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि पूछताछ के दौरान दलपत की बेटी को भी मामले में शामिल किया जाता था तथा उसके खिलाफ कार्रवाई और करियर प्रभावित होने की बात कहकर दबाव बनाया जाता था। इस पर डीएसपी रत्नेश मिश्रा और तहसीलदार ने बेटी को आश्वासन दिया कि उसके करियर पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।
पुलिस बल रहा तैनात
शव के पन्ना मोड़ पहुंचने के बाद परिजनों के आक्रोश और चक्काजाम को देखते हुए कटनी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों का पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इसके साथ ही जबलपुर क्षेत्र से भी पुलिस बल की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं और मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
पुलिस प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। घटना को लेकर पुलिस और परिजनों के अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। मामले में आगे की जांच के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
