
सालों से अधूरे सड़क निर्माण के बीच हादसों का खतरा बरकरार, गनीमत रही कि इस बार चालक सुरक्षित बचा
कटनी। झिंझरी स्थित वन विभाग कार्यालय के सामने, मित्तल मॉल के पास सड़क निर्माण की अधूरी व्यवस्था के बीच एक बार फिर बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार बोलेरो वाहन क्रमांक MP 21 TA 1075 सड़क पर रखे एक बड़े पत्थर से टकराने के बाद अनियंत्रित हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन करीब आठ फीट तक उछलने के बाद सीधे सड़क किनारे पलट गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बोलेरो बुरी तरह असंतुलित होकर पलटी, लेकिन गनीमत रही कि उस समय सामने से कोई दूसरा वाहन नहीं आ रहा था। वाहन में केवल चालक सवार था, जो इस भीषण हादसे के बावजूद सुरक्षित बच गया।
अधूरी सड़क, आखिर कब पूरा होगा निर्माण?
मित्तल मॉल के पास हुई यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना भर नहीं है, बल्कि लंबे समय से अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्य पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय स्तर पर इस मार्ग के निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। साल बीतने को हैं, लेकिन सड़क निर्माण अब तक पूरा क्यों नहीं हो पाया? आखिर जिम्मेदार नगर निगम इस काम को समय पर पूरा कराने में क्यों सफल नहीं हो पा रहा है? सड़क पर मौजूद पत्थर और अधूरी निर्माण व्यवस्था वाहन चालकों के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकती है, यह हादसा इसका गंभीर उदाहरण है।
चिंता की बात यह भी है कि इस क्षेत्र में पहले भी एक हादसे में एक मासूम की जान जा चुकी है। ऐसे में दोबारा इस तरह की घटना होना सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्य की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस दुर्घटना के कारणों और सड़क निर्माण की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस मौके पर पहुंची, यातायात संभाला
हादसे की सूचना मिलते ही ट्रैफिक टीआई अनूप सिंह, एसआई शशि भूषण दुबे, आरक्षक सुरेंद्र सिंह तथा झिंझरी चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेते हुए यातायात व्यवस्था संभाली। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
हादसे ने फिर उठाया सुरक्षा का सवाल
इस बार चालक का सुरक्षित बच जाना राहत की बात है, लेकिन हर बार किस्मत साथ दे, यह जरूरी नहीं। यदि बोलेरो के सामने कोई दूसरा वाहन होता या आसपास राहगीर मौजूद होते, तो हादसे के परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है, या अधूरे सड़क निर्माण को पूरा कराकर संभावित हादसों पर रोक लगाने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएंगे?
