
कटनी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने की अनूठी पहल, देर रात तक विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर समितियों का किया अभिनंदन
कटनी। धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण की दिशा में विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन ने सराहनीय पहल करते हुए लगातार चौथे वर्ष दुर्गा समिति सम्मान समारोह का आयोजन किया। संस्था के अध्यक्ष अरजीत खरे के नेतृत्व में आयोजित इस अभिनंदन अभियान के अंतर्गत कटनी नगर की विभिन्न दुर्गा समितियों तक पहुंचकर उनके पदाधिकारियों एवं सदस्यों का सम्मान किया गया। स्मृति चिह्न भेंट कर समितियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने की इस पहल ने धार्मिक आयोजनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं के योगदान को विशेष पहचान दी।
गली-मोहल्लों तक पहुंचकर किया अभिनंदन
विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने गर्ग चौराहा, सब्जी मंडी, अल्फ्रेडगंज, सिविल लाइन, महाकाल मंदिर क्षेत्र, शहर के मुख्य हिस्सों, भट्टा मोहल्ला, लखेरा, माधव नगर और बरगवां सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर दुर्गा समितियों का सम्मान किया। सदस्यों ने स्मृति चिह्न भेंट कर समितियों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अभियान की विशेषता यह रही कि संस्था के सदस्य देर रात तक विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते रहे और अधिक से अधिक समितियों तक पहुंचकर उनका अभिनंदन सुनिश्चित किया। आयोजन के माध्यम से उन लोगों के प्रयासों को सम्मान देने का संदेश दिया गया, जो धार्मिक आयोजनों के जरिए समाज में आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना को जीवंत बनाए रखते हैं।
अरजीत खरे के नेतृत्व में जुटी टीम
इस आयोजन को सफल बनाने में संस्था अध्यक्ष अरजीत खरे के साथ भाजयुमो नेता अजय माली, उपाध्यक्ष आदित्य श्रीवास्तव तथा संस्था के सदस्यों उत्कर्ष गुप्ता, डॉ. मनीष सिंह, दीपक कुशवाहा, अतुल विश्वकर्मा, अविनाश जायसवाल, जतिन जसूजा, निखिल तनवानी, मोहित गुप्ता, उत्कर्ष मिश्रा, आयुष अवस्थी, दिव्य मिश्रा, अनुराग सोनी, दिव्यांश द्विवेदी, सौरभ रैदास, सुमित रजक, हरीश झमनानी, शिवम कुरील, अभिषेक तिवारी, आदेश मिश्रा एवं अविनेश त्रिपाठी की सक्रिय सहभागिता रही।
सम्मान के साथ सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश
विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन की यह पहल केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में योगदान देने वाली समितियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास भी है। लगातार चौथे वर्ष इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्था ने सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
संस्था ने सभी दुर्गा समितियों एवं आयोजन में सहभागी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से कटनी की परंपराओं को सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
