मित्तल मॉल के सामने दर्दनाक हादसे में किशोर की मौत, साथी गंभीर घायल; वर्षों से बदहाल मार्ग को लेकर उठते रहे सवाल
कटनी। शहर की सड़कों की बदहाली एक बार फिर गंभीर सवाल बनकर सामने आई है। शुक्रवार रात माधवनगर थाना क्षेत्र की झिंझरी चौकी के समीप मित्तल मॉल के सामने हुए सड़क हादसे में विश्राम बाबा निवासी किशोर प्रशांत सेन, पिता जगत नारायण सेन की मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार एस. कुमार पतरोलिया, पिता अमित पतरोलिया घायल हो गया। घायल का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
हादसे के बाद क्षेत्र की सड़क की स्थिति को लेकर नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मित्तल मॉल के सामने सड़क लंबे समय से बदहाल है और जगह-जगह गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों के अनुसार इस मार्ग पर पहले भी कई वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
खबरें प्रकाशित हुईं, लेकिन सड़क कब सुधरेगी?
शहर की जर्जर सड़कों को लेकर समय-समय पर समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से जिम्मेदार विभाग का ध्यान आकर्षित कराया जाता रहा है। इसके बावजूद यदि किसी प्रमुख मार्ग पर सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि शिकायतों और लगातार सामने आ रही समस्याओं के बाद भी स्थायी सुधार क्यों नहीं हुआ।
शुक्रवार रात हुए हादसे ने इसी सवाल को और गंभीर बना दिया है। सड़क हादसे में एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया, जबकि दूसरा युवक अस्पताल में उपचाररत है।
वीआईपी मार्ग पर भी बदहाली
मित्तल मॉल के सामने का मार्ग शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में आम नागरिकों का आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति पर सवाल उठना नगर निगम की सड़क व्यवस्था के लिए चुनौती है
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में सड़क निर्माण और मरम्मत केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। विशेषकर ऐसे स्थानों पर जहां लगातार यातायात रहता है, वहां गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत आवश्यक है।
सवाल सड़क से बड़ा है—जिम्मेदारी तय होगी या नहीं?
प्रशांत सेन की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और सड़क की स्थिति की इसमें कोई भूमिका थी या नहीं। इसका जवाब पुलिस की जांच और घटनास्थल के तकनीकी परीक्षण से ही सामने आएगा।
यदि जांच में सड़क की खराब स्थिति हादसे का कारण या सहायक परिस्थितियों में सामने आती है, तो संबंधित विभाग की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत होगी।
अब जिला प्रशासन के सामने ये सवाल
•क्या जिला प्रशासन घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण कराएगा?
•क्या मित्तल मॉल के सामने सड़क की तकनीकी जांच कराई जाएगी?
•क्या शहर की अन्य जर्जर सड़कों का भी सर्वे कराया जाएगा?
•हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल गड्ढों की मरम्मत होगी या नहीं?
•यदि जांच में सड़क की स्थिति हादसे से जुड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी या नहीं?
•क्या नगर निगम को सभी दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम के निर्देश दिए जाएंगे?
अब नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर
किशोर की मौत के बाद शहरवासियों की नजर अब जिला प्रशासन और नगर निगम की अगली कार्रवाई पर है। कलेक्टर आशीष तिवारी के स्तर से घटनास्थल का निरीक्षण, संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करने और सड़क की स्थिति सुधारने के संबंध में क्या निर्देश दिए जाते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
फिलहाल हादसे ने एक परिवार को गहरा सदमा दिया है और शहर की सड़क व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। जरूरत इस बात की है कि घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ यदि सड़क की स्थिति में खामी सामने आती है तो उसका स्थायी समाधान भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
