कटनी जिले के बहोरीबंद थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया पर एक ग्रामीण युवक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि थाना प्रभारी ने उससे अवैध रूप से रुपये की मांग, अभद्र व्यवहार किया और झूठे प्रकरण में फँसाने की धमकी दी। मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता विनय पटैल पिता गोविंद पटैल (उम्र लगभग 38 वर्ष), निवासी ग्राम पटना, थाना बहोरीबंद का कहना है कि 5 जनवरी 2026 की शाम वह अपने चालक के साथ इलाज के लिए शासकीय अस्पताल बहोरीबंद जा रहा था। इसी दौरान स्लीमनाबाद चौराहा पर थाना प्रभारी अपने पुलिस बल के साथ मौजूद थे, जहाँ उसके वाहन को रोका गया।

पीड़ित के अनुसार, थाना प्रभारी ने उससे 10 हजार रुपये की मांग की और रकम न देने की स्थिति में शराब पिलाकर धारा 185 बीएनएस के तहत झूठा मामला दर्ज करने की धमकी दी। विनय पटैल का आरोप है कि जब उसने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो उसके साथ गाली-गलौज कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। इतना ही नहीं, वाहन की चाबी निकालकर गाड़ी को जबरन थाने ले जाया गया।
मामले से आहत पीड़ित ने 5 व 6 जनवरी 2026 को सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि शिकायत के बाद उस पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपनी शिकायत वापस ले, अन्यथा उसके खिलाफ और भी झूठे प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा।
विनय पटैल ने बताया कि वह एक सामान्य एवं शांतिप्रिय ग्रामीण नागरिक है, लेकिन थाना प्रभारी की कथित हरकतों से वह और उसका परिवार डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कटनी, पुलिस महानिदेशक भोपाल एवं गृहमंत्री मध्यप्रदेश शासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
