
नदीपार में मारपीट का आरोप, बीच-बचाव करने पहुंचे भाई को गंभीर चोट; जिला अस्पताल से जबलपुर मेडिकल रेफर, एसपी जनसुनवाई में मिला निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा
कटनी। “मेरे साथ और मेरी मां के साथ मारपीट की गई, भाई बचाने आया तो उसके सिर पर लोहे की बाल्टी से हमला कर दिया…” यह आरोप लेकर मंगलवार को राममनोहर लोहिया वार्ड क्रमांक-5, नदीपार निवासी प्रियंका सोनखरे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं। शिकायतकर्ता बहन ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष पूरी घटना बताते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
घर के आंगन में शुरू हुआ विवाद, भाई ने बचाने की कोशिश की तो हमला
शिकायत में प्रियंका सोनखरे ने बताया कि 27 अगस्त की शाम करीब 4 बजे वह अपने घर के आंगन में रक्षा बंधन पर्व को लेकर लिपाई-पुताई कर रही थीं। इसी दौरान दीपक मेहतर और आदित्य मेहतर द्वारा कथित रूप से उनके साथ तथा उनकी मां उषा सोनखरे के साथ मारपीट की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शोर सुनकर उनका भाई वीरेंद्र सोनखरे मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव करने लगा। आरोप है कि इसी दौरान अनिकेत मेहतर ने लोहे की बाल्टी से वीरेंद्र के सिर पर वार कर दिया। हमले में उसके सिर पर गंभीर चोट आई और पांच टांके लगाए गए।
हालत गंभीर, जबलपुर मेडिकल रेफर
परिजनों के मुताबिक, वीरेंद्र सोनखरे का कटनी जिला अस्पताल में उपचार किया गया, लेकिन सिर में गंभीर चोट होने के कारण चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना के बाद परिवार ने मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानी का हवाला देते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
एसपी जनसुनवाई में मिला निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में शिकायतकर्ता बहन प्रियंका सोनखरे ने आवेदन सौंपकर घटना की जानकारी दी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से सुना और निष्पक्ष जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उन्हें कटनी सिटी कोतवाली थाना भेजा।
शिकायत में आरोपियों पर नदीपार क्षेत्र में गांजा बेचने और पुलिस चौकी में अपनी पहुंच होने की बात कहकर धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
“निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर हो कार्रवाई”
शिकायतकर्ता बहन ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और घायल भाई को न्याय दिलाया जाए। अब देखना यह होगा कि जनसुनवाई में दिए गए कार्रवाई के आश्वासन के बाद पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है।
