
वीर सावरकर और राजीव गांधी वार्ड में बिना अनुमति प्लॉटिंग व सड़क निर्माण का मामला, निगम की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण

कटनी, 12 अगस्त। नगर में बिना सक्षम अनुमति के अवैध कॉलोनी विकसित कर भूखंडों का विक्रय करने वालों के विरुद्ध नगर पालिक निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देश पर की गई जांच में अवैध प्लॉटिंग एवं कॉलोनी विकास के मामले सामने आने के बाद दो संबंधित कॉलोनाइजरों के विरुद्ध थाना कोतवाली कटनी में FIR दर्ज कराई गई है।
वीर सावरकर वार्ड में डेढ़ एकड़ भूमि पर अवैध प्लॉटिंग
वीर सावरकर वार्ड में खसरा क्रमांक 607/8क, 607/5, 603, 605, 606/1 एवं 606/2 की लगभग 1.50 एकड़ भूमि पर बिना सक्षम स्वीकृति सड़क निर्माण, डस्ट डालकर भूखंडों का विभाजन एवं कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायत मिली थी।
नगर निगम की जांच में भूमि स्वामी अजय कुशवाहा एवं अनिल कुशवाहा द्वारा करीब 200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कर भूखंडों का विभाजन एवं विक्रय किए जाने की स्थिति सामने आई। निगम के अनुसार उक्त गतिविधियां निर्धारित नियमों के विपरीत पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना कोतवाली को शिकायत भेजी गई।
निगम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधितों के विरुद्ध मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 292-ग एवं मध्यप्रदेश कॉलोनी विकास नियम, 2021 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजीव गांधी वार्ड में भी कार्रवाई
इसी प्रकार राजीव गांधी वार्ड में खसरा क्रमांक 1417/1ग एवं 1418/1ग, कुल 0.456 हेक्टेयर भूमि पर बिना सक्षम अनुमति के भूखंडों का विभाजन कर कॉलोनी विकसित करने का मामला सामने आया।
निगम की जांच में भूखंडों के विक्रय के साथ-साथ बिना अनुमति सड़क एवं अन्य विकास कार्य कराए जाने की बात सामने आई। इस मामले में निगम प्रशासन की शिकायत पर सुधीर कुमार जैन, निवासी हाउसिंग बोर्ड, शांतिनगर के विरुद्ध थाना कोतवाली कटनी में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रकरण को जांच में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
अवैध कॉलोनियों पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम सीमा में बिना सक्षम अनुमति कॉलोनी विकसित करने, अवैध प्लॉटिंग करने अथवा भूखंडों का विक्रय करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, आवश्यक अनुमतियां और RERA पंजीकरण अवश्य जांचें। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अवैध कॉलोनियों के झांसे में आने से बचने तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल नगर निगम को देने की अपील की है।
