
हजारों छात्रों का पैदल मार्च, शहर के प्रमुख मार्गों पर गूंजे पारदर्शी परीक्षा और न्याय के नारे; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
कटनी। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी विरोध की गूंज शनिवार को कटनी में भी जोरदार ढंग से सुनाई दी। हजारों छात्र-छात्राओं, युवाओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहर की सड़कों पर उतरकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भी जोरदार नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन की शुरुआत फॉरेस्टर प्ले ग्राउंड से हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए। इसके बाद विशाल पैदल मार्च कचहरी चौराहा पहुंचा और वहां से सुभाष चौक, सराफा बाजार, शेर चौक, आजाद चौक, मिशन चौक तथा कोतवाली थाना चौराहा होते हुए पुनः कचहरी चौराहा पहुंचकर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग करते हुए नारे लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताओं ने मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास डगमगाया है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र वर्षों की कठिन मेहनत और तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें तो यह युवाओं के भविष्य और व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।
रैली के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि पूरे मार्ग में छात्रों के जोशीले नारों से शहर का वातावरण लंबे समय तक आंदोलित रहा।
