नेचर्स स्कूल, अस्पताल, होटल और रिहायशी क्षेत्र के बीच फैली गंदगी, माधव नगर गेट से कलेक्ट्रेट जाने वाले व्यस्त मार्ग पर बदहाल स्वच्छता व्यवस्था, जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल।
कटनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य देश को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाना है। इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकारें करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर कटनी नगर में नगर निगम की कार्यप्रणाली इस महत्वाकांक्षी अभियान पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है।
नगर निगम के अधीन संचालित एमएसडब्ल्यू (MSW) कार्यालय के ठीक बाहर बड़ी मात्रा में कचरे का अंबार लगा हुआ है। कुछ दिन पहले इसी स्थान पर डंपर से कचरा फेंके जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सोमवार को की गई ग्राउंड रिपोर्टिंग में हालात और भी गंभीर दिखाई दिए। अब यह स्थान खुले कचरा संग्रहण केंद्र का रूप ले चुका है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जहां यह गंदगी फैली हुई है, वहीं नेचर्स स्कूल संचालित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं। इसके अतिरिक्त आसपास अस्पताल, रिहायशी कॉलोनियां, ट्विन्स किचन होटल, अरिंदम होटल सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। कचरे से उठ रही दुर्गंध और गंदे नाले के पानी से पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
यह वही मुख्य मार्ग है जो माधव नगर गेट को सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय से जोड़ता है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों की संख्या में आम नागरिक, मरीज, विद्यार्थी, अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य लोग आवागमन करते हैं। इस मार्ग से गुजरने वालों की वास्तविक संख्या का अनुमान लगाना भी कठिन है। इसके बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शहर की सफाई की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग के कार्यालय के बाहर ही कचरे के ढेर लगे हों, तो पूरे शहर की स्वच्छता व्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। नगर निगम एक ओर स्वच्छता अभियान, रैलियां और प्रचार-प्रसार कर अपनी उपलब्धियों का बखान करता है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर दिखाई देने वाली यह तस्वीर उन सभी दावों की पोल खोल रही है।
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या नगर निगम और एमएसडब्ल्यू विभाग के अधिकारी इस गंदगी से अनजान हैं, या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं? यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आसपास रहने वाले लोगों, विद्यार्थियों और मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि कटनी नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर मामले को कितनी प्राथमिकता देते हैं या फिर स्वच्छ भारत मिशन केवल कागजों और प्रचार-प्रसार तक ही सीमित रह जाएगा।
(ग्राउंड रिपोर्ट : हेमंत सिंह ठाकुर, कटनी)
