
2017 से 2026 तक जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते रहे ग्रामीण, अब सरपंच पति पर भी उपेक्षा का आरोप…
कटनी (ढीमरखेड़ा)। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले प्रशासन की हकीकत ग्राम पंचायत लालपुर के ग्राम सगमा में साफ दिखाई देती है। यहां के ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2017 से लगातार सड़क निर्माण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, जनपद पंचायत, जिला पंचायत और संबंधित विभागों में दर्जनों आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन आज तक गांव को सड़क की सौगात नहीं मिल सकी।
ग्रामीणों के अनुसार सरकारी स्कूल से सिमरहा नदी तक जाने वाला मार्ग आज भी बदहाल स्थिति में है। बरसात के दिनों में यह रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चे कीचड़ में फिसलकर घायल हो चुके हैं, वहीं किसानों को अपनी उपज खेतों से निकालने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वर्षों से आवेदन दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि शासकीय कार्यालयों में आवेदन का इतना बड़ा ढेर लग चुका है कि यदि उन्हीं फाइलों को बिछा दिया जाए तो शायद सड़क बन जाए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक इस समस्या पर नहीं पड़ी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर भी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पति मोहन बागरी ने भी उनकी इस समस्या की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया, जबकि कई बार उन्हें भी सड़क निर्माण की मांग से अवगत कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि हर जनसुनवाई में अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई दिखाई नहीं देती। सवाल यह है कि जब वर्षों से लगातार शिकायतें और आवेदन दिए जा रहे हैं, तो आखिर सड़क निर्माण में बाधा क्या है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
अब ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वर्षों से लंबित इस सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को मूलभूत सुविधा मिल सके।
(नोट: सरपंच पति एवं प्रशासन पर लगाए गए आरोप ग्रामीणों के कथनों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
