
नंहवारा गांव में अवैध पैकारी से परेशान ग्रामीणों ने की शराब बिक्री बंद कराने की मांग, डीएसपी रत्नेश मिश्रा ने दिया आश्वासन
कटनी। जिले की तहसील बड़वारा अंतर्गत ग्राम पंचायत नंहवारा (सेझा) में कथित अवैध शराब बिक्री और पैकारी से परेशान ग्रामीणों ने अब अपनी आवाज पुलिस प्रशासन तक पहुंचाई है। गांव की समस्या को लेकर एक दर्जन से अधिक महिलाएं, बच्चे और ग्रामीण कटनी स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और गांव में अवैध रूप से बेची जा रही देशी शराब को बंद कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक के नाम आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि अवैध शराब की बिक्री के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शराब पीकर गाली-गलौज और झगड़े करने का आरोप
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, ग्राम नंहवारा में अवैध पैकारी चलने से गांव के लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब पीने के बाद कुछ लोग रास्ते में गाली-गलौज करते हैं और आपस में लड़ाई-झगड़ा करते हुए निकलते हैं। इससे गांव की शांति व्यवस्था प्रभावित होने के साथ बच्चों के जीवन और माहौल पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। महिलाओं ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए गांव में अवैध शराब की बिक्री बंद कराने की मांग की।
शिकायत करने पर मारपीट का भी आरोप
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने अवैध शराब बेचने वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति इनके खिलाफ शिकायत करता है, तो उसके साथ मारपीट की जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डर के कारण लोग खुलकर अपनी समस्या सामने रखने से भी हिचकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
डीएसपी रत्नेश मिश्रा ने सुनी ग्रामीणों की समस्या
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के लिए डीएसपी रत्नेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने ग्रामीणों को गांव में शराब की अवैध बिक्री बंद कराने के संबंध में आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके परिवार में भी कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता है, तो उसे शराब से दूर रहने के लिए समझाएं। पुलिस की इस पहल के बाद ग्रामीणों को समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।
अब कार्रवाई और स्थायी समाधान का इंतजार
गांव की महिलाओं और ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने परिवारों, बच्चों और गांव के शांतिपूर्ण वातावरण को सुरक्षित देखना चाहते हैं। उनकी मांग है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए, शिकायत करने वालों के साथ कथित मारपीट के मामलों की जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और गांव को कथित अवैध शराब बिक्री की समस्या से कितनी राहत मिल पाती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनका आवेदन केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव में शांति और सुरक्षा कायम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
