
कटनी एक्शन कमेटी के आंदोलन को कांग्रेस और समाजसेवियों का समर्थन, मंगलवार को अधिवक्ता संघ जिलाध्यक्ष अमित शुक्ला भी पहुंचे आंदोलन स्थल
कटनी। जिले में पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग सहित शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े जनहित के मुद्दों को लेकर कटनी एक्शन कमेटी द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने किया जा रहा जन सत्याग्रह मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों का कहना है कि जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
कटनी एक्शन कमेटी के इस जन सत्याग्रह को जिले के विभिन्न समाजसेवियों और कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिल रहा है। आंदोलन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न वर्गों के लोग आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ा रहे हैं और कटनी में बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग का समर्थन कर रहे हैं। कमेटी का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जिले के नागरिकों को बेहतर सरकारी शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
पांचवें दिन अधिवक्ता संघ जिलाध्यक्ष अमित शुक्ला ने दिया समर्थन
जन सत्याग्रह के पांचवें दिन मंगलवार को अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष अमित शुक्ला भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और कटनी एक्शन कमेटी की मांगों का समर्थन किया। उनके पहुंचने से आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ा। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस सहित समाजसेवियों का आगे आना इस बात को दर्शाता है कि कटनी में बेहतर शैक्षणिक एवं चिकित्सा सुविधाओं की मांग व्यापक जनसरोकार से जुड़ी है।
पीपीपी मॉडल नहीं, पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग
कटनी एक्शन कमेटी ने मध्यप्रदेश में नौ मेडिकल कॉलेजों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की घोषणा और बाद में इस निर्णय को वापस लेने के मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया है कि यदि अन्य जिलों में इस मॉडल से संबंधित निर्णय वापस लिए जा सकते हैं, तो कटनी में पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?
कमेटी ने कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज और लॉ कॉलेज की स्थापना की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जिले में उच्च शिक्षा के संस्थानों का विस्तार होने से स्थानीय विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जबलपुर, भोपाल और इंदौर जैसे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। वहीं, सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
खनिज संपदा से समृद्ध जिले में विकास को लेकर सवाल
जन सत्याग्रह के माध्यम से कटनी की खनिज संपदा और स्थानीय विकास के बीच संबंध को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कमेटी का कहना है कि कटनी जिले में बॉक्साइट, डोलोमाइट, मार्बल, चूना पत्थर और रेत जैसे खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद जिले में शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग लगातार उठानी पड़ रही है।
आंदोलनकारियों ने सवाल किया कि जब आम नागरिक विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान करते हैं और जिले से खनिज संसाधनों का दोहन होता है, तो स्थानीय जनता को बेहतर सरकारी शिक्षा, सुलभ चिकित्सा और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही है?
स्थानीय युवाओं को मिले उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर
कटनी औद्योगिक गतिविधियों और खनिज संपदा की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। इसके बावजूद यहां के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। कटनी एक्शन कमेटी ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए जिले में उच्च शिक्षण संस्थानों का विस्तार करने और स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की मांग की है।
कमेटी का कहना है कि जिले में मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ कॉलेज जैसे संस्थानों की स्थापना से विद्यार्थियों को अपने ही जिले में बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे। इससे परिवारों पर दूसरे शहरों में रहकर पढ़ाई कराने का आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है।
पांच दिन से जारी आंदोलन, प्रशासनिक पहल का इंतजार
कटनी एक्शन कमेटी का कहना है कि पांच दिनों से जारी जन सत्याग्रह के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। कमेटी ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए कटनी में पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनके जन सत्याग्रह में कांग्रेस के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों के पहुंचकर समर्थन देने से आंदोलन को मजबूती मिल रही है। कमेटी ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष कटनी के नागरिकों के बेहतर भविष्य, स्थानीय युवाओं के शैक्षणिक अवसरों और आम जनता को सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जारी है।
अब देखना होगा कि पांच दिनों से जारी जन सत्याग्रह और कांग्रेस एवं समाजसेवियों के समर्थन के बीच शासन-प्रशासन इन मांगों पर कब तक पहल करता है और कटनी को पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज सहित बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
