
मंथरा के संवादों से बदली कैकई की मनोदशा, रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंग ने जीवंत की त्रेतायुग की स्मृतियां

कटनी। शहर के गोल बाजार रामलीला मैदान में आयोजित हो रही रामलीला में इन दिनों रामायण के विभिन्न प्रसंगों का सजीव मंचन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंडली के कलाकारों ने राजा दशरथ, मंथरा और रानी कैकई के बीच हुए संवाद का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण घटनाक्रम से रूबरू कराया। कलाकारों की भावपूर्ण संवाद अदायगी, सशक्त अभिनय और प्रसंग के अनुरूप प्रस्तुति ने मंचन को आकर्षक बना दिया। रामलीला के इस प्रसंग को देखने के लिए मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
मंचन के दौरान मंथरा द्वारा कैकई को राजा दशरथ से पूर्व में प्राप्त वरदानों की याद दिलाने और उन्हें अपने पक्ष में निर्णय लेने के लिए प्रेरित करने के प्रसंग को प्रस्तुत किया गया। संवादों के माध्यम से कैकई की बदलती मनोदशा और राजा दशरथ के साथ उनके संबंधों को मंच पर साकार किया गया। रामायण का यह प्रसंग आगे चलकर भगवान श्रीराम के वनवास और अयोध्या में घटित घटनाओं की महत्वपूर्ण कड़ी बनता है। कलाकारों ने प्रसंग की गंभीरता और भावनात्मक पक्ष को अपने अभिनय के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
भावपूर्ण अभिनय ने बांधे रखा दर्शकों का ध्यान
रामलीला के मंचन के दौरान कलाकारों ने पात्रों के अनुरूप वेशभूषा, हाव-भाव और संवादों के माध्यम से कथा को आगे बढ़ाया। राजा दशरथ की भावनाओं, कैकई के मन में उत्पन्न विचारों और मंथरा की भूमिका को कलाकारों ने प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। मंच पर संवादों के उतार-चढ़ाव के साथ प्रसंग आगे बढ़ता रहा और दर्शक एकाग्र होकर रामलीला का आनंद लेते रहे। उपस्थित दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय और प्रस्तुति की सराहना की।
रामलीला के माध्यम से जीवंत हो रही धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा
गोल बाजार रामलीला का आयोजन शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा और कर्तव्यबोध से जुड़े प्रसंगों को जनमानस तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और रामायण की शिक्षाओं से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोजन के दौरान रामलीला कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कमेटी पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष रवि खरे एवं शरद अग्रवाल, भरत अग्रवाल, धर्मेंद्र तिवारी, सचिन तिवारी, अंतिम गुप्ता, रोहित सेन, तपन निषाद, पत्रकार मुकेश तिवारी, पत्रकार अनिल तिवारी, अंकुश रजक, मनोज बाझल, अजय माली और अमृत लाल बर्मन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
