
मिशन चौक यातायात चौकी पहुंचकर चालक पुष्पराज पटेल ने पेश की मानवता की मिसाल, टीआई अनूप सिंह ने की सराहना
कटनी। आज के दौर में जहां लोग छोटी-छोटी बातों पर अपने स्वार्थ को प्राथमिकता देते हैं, वहीं कटनी में एक ऑटो चालक ने ईमानदारी और इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। ऑटो में छूटे लगभग 6 हजार रुपये से भरे बैग को उसके मालिक तक पहुंचाने में ऑटो चालक पुष्पराज पटेल ने जिम्मेदारी दिखाई। उनकी इस पहल की यातायात थाना प्रभारी टीआई अनूप सिंह ने सराहना की।
ऑटो में छूट गया था रुपयों से भरा बैग
जानकारी के अनुसार, ऑटो क्रमांक MP21ZG5060 के चालक पुष्पराज पटेल, निवासी दुबे कॉलोनी, अपने साथी नितेश बर्मन के साथ ऑटो का संचालन कर रहे थे। इसी दौरान ऑटो में लगभग 6 हजार रुपये से भरा एक बैग छूट गया। बैग भाजपा जिला कटनी महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष का बताया गया है। बैग में रखी रकम गुम होने की जानकारी मिलने पर उसे तलाशने के प्रयास शुरू हुए।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली सूचना, यातायात पुलिस हुई सक्रिय
बैग गुम होने की सूचना पुलिस अधीक्षक कार्यालय से ट्रैफिक टीआई अनूप सिंह को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही यातायात पुलिस ने संबंधित ऑटो चालक की जानकारी जुटाने का प्रयास शुरू किया। इसी बीच मिशन चौक यातायात व्यवस्था में तैनात आरक्षक हिमांशु दुबे एवं आरक्षक प्रवीण सिंह को पता चला कि ऑटो चालक पुष्पराज पटेल उनके पास पहुंचा है। इसके बाद आरक्षकों ने तत्काल अपने अधिकारी टीआई अनूप सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया।
मिशन चौक चौकी में मालिक को सौंपा बैग
यातायात पुलिस ने बैग के मालिक को मिशन चौक यातायात चौकी बुलाया। आवश्यक पुष्टि के बाद लगभग 6 हजार रुपये से भरा बैग उन्हें सुपुर्द कर दिया गया। बैग वापस मिलने से उसके मालिक को राहत मिली। वहीं, ऑटो चालक पुष्पराज पटेल और उनके साथी नितेश बर्मन की ईमानदारी की सराहना की गई।
ईमानदारी का सम्मान, समाज के लिए प्रेरणा
ऑटो चालक पुष्पराज पटेल की इस पहल ने साबित किया कि ईमानदारी आज भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी है। यातायात थाना प्रभारी टीआई अनूप सिंह ने चालक की ईमानदारी की सराहना करते हुए ऐसे जिम्मेदार व्यवहार को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
यह घटना एक संदेश देती है कि किसी दूसरे की खोई हुई वस्तु लौटाना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों का सम्मान भी है। कटनी के ऑटो चालक ने अपने व्यवहार से यह दिखाया कि ईमानदारी के लिए किसी बड़े पद या पहचान की नहीं, बल्कि साफ नीयत और अच्छे संस्कारों की जरूरत होती है।
