
कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार, गांव के ही वकील चौधरी नामक युवक ने उसे जबरन जीप में बैठाकर शासकीय जमीन पर बने अपने आवास में ले जाकर चाकू की नोक पर धमकाते हुए खाट से बांधकर उसके साथ बलात्कार किया। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके शरीर के कई हिस्सों पर दांत से काटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं।
घटना के बाद पीड़िता ग्राम पंचायत पहुंची। सरपंच की सूचना पर पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन न तो किसी भी तरह के सबूत जब्त किए गए और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के प्रभावशाली होने के कारण पुलिस ने उसे धमकाया कि दुष्कर्म की रिपोर्ट करने से उसकी बदनामी होगी और केवल साधारण मारपीट का मामला लिखवाया गया। इस दौरान पुलिस द्वारा पीड़िता का वीडियो भी बनाया गया।
महिला को जब महिला थाने भेजा गया, वहां भी उसके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया और दुष्कर्म की शिकायत न करने का दबाव बनाया गया। हैरानी की बात यह है कि अब तक पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया, जबकि उसके शरीर पर चोटों के स्पष्ट निशान मौजूद हैं।
दो दिनों तक एसपी से मिलने भटकने के बाद पीड़िता सोमवार को सीएसपी नेहा पच्चीसिया के पास पहुंची। मामले की गंभीरता से अवगत कराए जाने पर कटनी एसपी ने संज्ञान लेते हुए धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज कराए। साथ ही लापरवाही बरतने पर बरही थाना प्रभारी (टीआई) को लाइन अटैच कर दिया गया।
हालांकि, दूसरी ओर महिला थाना में पदस्थ एक महिला कर्मचारी द्वारा पीड़िता के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार और उसे धमकाकर सात दिन बाद आने को कहना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय बताया जा रहा है।
इस पूरे मामले ने कटनी जिले की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर टिकी हैं कि क्या पीड़िता को वास्तव में न्याय मिल पाएगा या नहीं।
