
कटनी। रीठी तहसील के ग्राम सिमराकलां निवासी रामगोपाल बेन ने एसके फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड की बरगवां शाखा के कर्मचारियों पर ऋण खाते में राशि जमा करने के बाद भी बकाया दर्शाए जाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक कटनी को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार रामगोपाल ने वर्ष 2023 में किराना व्यवसाय के लिए करीब 2 लाख रुपये का ऋण लिया था। आवेदक का कहना है कि उसने प्रारंभिक रूप से 12 किस्तों का भुगतान समय पर किया, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते उपचार के लिए बाहर जाने और आर्थिक स्थिति प्रभावित होने के कारण आगे की किस्तों के भुगतान में परेशानी हुई।
आवेदक के मुताबिक, 18 अगस्त 2026 को बैंक के अधिकारियों से बातचीत हुई थी। इसी दौरान उसने 7 हजार रुपये की राशि जमा की। इसके बाद 24 सितंबर 2026 को 1.60 लाख रुपये की राशि जमा करने का दावा किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों द्वारा आपसी सहमति से उक्त राशि जमा कराने के बाद उसे ऋण से मुक्त किए जाने की बात कही गई थी।
रामगोपाल का कहना है कि राशि जमा करने के बावजूद उसके ऋण खाते में अभी भी बकाया राशि बताई जा रही है। उसने बैंक शाखा से प्राप्त जमा पर्ची को शिकायत के साथ प्रस्तुत किए जाने की बात कही है। साथ ही, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व में उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए थे और उसे बकाया नहीं होने की जानकारी दी गई थी।
शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में प्रकाश यादव, राहुल राज बेन और रोहन सौंधिया को प्रत्यक्षदर्शी बताया है। उसका कहना है कि इन लोगों की मौजूदगी में राशि जमा की गई थी।
वहीं, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मोबाइल नंबर 9406779922 से फोन कर कुछ रुपये खर्च करने पर कथित रूप से ‘सेटलमेंट हटवाने’ की बात कही गई। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में भी जांच की मांग की है।
रामगोपाल ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उसे चलने-फिरने में कठिनाई होती है और वह आर्थिक रूप से भी परेशान है। उसका आरोप है कि ऋण खाते में दर्शाई जा रही स्थिति के कारण भविष्य में व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करने में भी परेशानी हो सकती है।
आवेदक ने पुलिस अधीक्षक से बैंक अधिकारियों को बुलाकर ऋण खाते, जमा पर्चियों, संबंधित दस्तावेजों और कथित फोन कॉल की जांच कराने तथा तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर एवं संबंधित थाना प्रभारी को भी दिए जाने का उल्लेख है।
