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जिला प्रशासन तक पहुंचने वाले मार्ग ही बदहाल, विकास के दावों के बीच सड़कों की स्थिति पर उठ रहे सवाल

जिला प्रशासन तक पहुंचने वाले मार्ग ही बदहाल, विकास के दावों के बीच सड़कों की स्थिति पर उठ रहे सवाल

कटनी। शहर की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थिति यह है कि जिला प्रशासन के कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों की हालत भी लंबे समय से खराब बताई जा रही है। ऐसे में आम नागरिकों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब जिला प्रशासन तक पहुंचने वाले मार्ग ही बदहाल हैं, तो शहर के अन्य क्षेत्रों की सड़क व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है।
कटनी कलेक्टर कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते तक सड़क की स्थिति को लेकर नागरिकों में नाराजगी है। जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़कों पर गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़क और अव्यवस्थित यातायात जैसी समस्याएं सामने आने के बावजूद स्थायी सुधार की अपेक्षित गति दिखाई नहीं देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में बरगवां मार्ग से जगन्नाथ मार्ग तक बने फ्लाईओवर ब्रिज की स्थिति भी चर्चा में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण को अभी कुछ ही वर्ष हुए हैं, लेकिन ब्रिज के सड़क हिस्से और निर्माण की स्थिति में जगह-जगह खराबी दिखाई देने लगी है। नागरिकों का सवाल है कि जिन निर्माण कार्यों से लंबे समय तक शहर को सुविधा मिलनी चाहिए, वे कम समय में ही क्षतिग्रस्त क्यों होने लगते हैं?
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
शहर की प्रमुख सड़कों और फ्लाईओवर की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक संदीप जायसवाल से भी नागरिकों की अपेक्षा है कि वे शहर की प्रमुख सड़कों और फ्लाईओवर की स्थिति का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों के माध्यम से निर्माण गुणवत्ता एवं मरम्मत कार्य की जांच सुनिश्चित कराएं।
हालांकि, किसी भी जनप्रतिनिधि या निर्माण एजेंसी पर सीधे तौर पर लापरवाही अथवा अनियमितता का निष्कर्ष जांच के बिना नहीं निकाला जा सकता। यदि फ्लाईओवर के निर्माण में तकनीकी कमी या गुणवत्ता संबंधी समस्या की आशंका है, तो संबंधित विभाग द्वारा तकनीकी निरीक्षण और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय किया जाना आवश्यक है।
आश्वासन से आगे कब बढ़ेगा सड़क सुधार?
कटनी शहर की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी सड़क सुधार, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की अपेक्षा कर रही है। जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़कों की स्थिति में सुधार कब होगा और क्षतिग्रस्त फ्लाईओवर की तकनीकी जांच कब कराई जाएगी, यह अब प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों के सामने बड़ा सवाल है।
