
जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा ने दी जानकारी, बोले—श्रम, कौशल और सृजन के सम्मान का पर्व है विश्वकर्मा जयंती
कटनी। भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर जिलेभर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विश्वकर्मा समाज द्वारा भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के साथ शोभायात्रा, सामाजिक मिलन एवं अन्य कार्यक्रमों की तैयारियां की गई हैं। जयंती को लेकर समाजजनों में उत्साह का माहौल है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा ने विश्वकर्मा जयंती के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के प्रथम शिल्पकार के रूप में मान्यता प्राप्त है। विश्वकर्मा जयंती केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि श्रम, हुनर, तकनीकी दक्षता और सृजनशीलता के सम्मान का भी अवसर है।
उन्होंने कहा कि निर्माण, शिल्प एवं तकनीकी कार्यों से जुड़े लोगों के लिए भगवान विश्वकर्मा जयंती का विशेष महत्व है। यह पर्व मेहनत और कौशल के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करता है तथा नई पीढ़ी को अपने हुनर और कार्य के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
अशोक विश्वकर्मा ने बताया कि जयंती के अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना सहित धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने समाज के सभी लोगों से कार्यक्रमों में सहभागिता करने तथा पर्व को आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता के साथ मनाने की अपील की।
जिलेभर में तैयारियां पूर्ण
विश्वकर्मा जयंती को लेकर विभिन्न स्थानों पर आयोजन समितियों द्वारा तैयारियां पूरी की जा रही हैं। भगवान विश्वकर्मा मंदिरों एवं प्रतिमाओं को सजाया जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ समाजजनों द्वारा सामूहिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
