
बारिश में कीचड़ और फिसलन से बढ़ा हादसे का खतरा, ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उठाई आवाज
विजयराघवगढ़। ग्राम पंचायत उबरा के आदिवासी मोहल्ले की बदहाल सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि बारिश के मौसम में इस मार्ग से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं दोपहिया और अन्य वाहनों से आवागमन करने वाले ग्रामीणों को हर समय हादसे का डर बना रहता है।
ग्रामीणों के मुताबिक इसी मार्ग से मोहल्ले के स्कूली बच्चे भी रोजाना आवागमन करते हैं। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और फिसलन के कारण बच्चों के साथ-साथ महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति वाहन पर महिला या बच्चों को लेकर इस मार्ग से गुजरता है तो फिसलकर गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है।
सरपंच को कई बार कराया अवगत, फिर भी नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर ग्राम पंचायत उबरा के सरपंच को कई बार मौखिक रूप से जानकारी देने के साथ आवेदन-निवेदन भी किया गया, लेकिन अब तक सड़क निर्माण या स्थायी सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लगातार परेशानी झेलने के बाद ग्रामीणों ने अब सोशल मीडिया का सहारा लिया है।
ग्रामीणों द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें सड़क की बदहाल स्थिति को दिखाते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की गई है।
ग्रामीणों का सीधा सवाल—आदिवासी होना क्या गुनाह है?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के माध्यम से ग्रामीणों ने जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर आदिवासी मोहल्ले की सड़क की समस्या का समाधान कब होगा? ग्रामीणों का कहना है कि क्या मूलभूत सुविधाओं के लिए भी उन्हें इसी तरह परेशान होना पड़ेगा? ग्रामीणों ने भावुक अंदाज में सवाल उठाते हुए कहा है—“आदिवासी होना क्या गुनाह है?”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि बारिश के मौसम में किसी बड़े हादसे से पहले मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति में तत्काल सुधार कराया जाए और स्थायी सड़क निर्माण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
