
कटनी। शहर में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से संजय नगर स्थित जाकिर हुसैन वार्ड में ACC कॉलोनी मार्ग से संजय नगर कॉम्प्लेक्स होते हुए तालाब तक सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है। लेकिन इसी निर्माण कार्य के बीच एक कथित अतिक्रमण अब स्थानीय नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क की सीमा में लगभग पांच फीट तक बढ़ाकर संचालित की जा रही एक किराना दुकान न केवल सड़क निर्माण में बाधा बन रही है, बल्कि जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार इस कथित अतिक्रमण की शिकायत कई बार नगर निगम के अतिक्रमण विभाग से की जा चुकी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 39779883 दर्ज कर मामले में कार्रवाई की मांग भी की गई है। बावजूद इसके अब तक अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता दो से तीन बार मौके पर पहुंचा। हर बार संबंधित दुकान संचालक को केवल समझाइश देकर टीम वापस लौट गई, लेकिन कथित अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। इससे क्षेत्र के लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर कार्रवाई में देरी की वजह क्या है।
रहवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रहा है। यदि सड़क का निर्माण पूर्ण होने से पहले अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बाद में उसे हटाना और भी कठिन हो जाएगा। ऐसी स्थिति में सड़क की निर्धारित चौड़ाई प्रभावित होने के साथ भविष्य में यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत क्रमांक 39779883 का शीघ्र निराकरण कराया जाए। साथ ही सड़क निर्माण पूर्ण होने से पहले मौके का संयुक्त निरीक्षण कर यदि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से हो रहे विकास कार्य का उद्देश्य प्रभावित न हो।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों और निरीक्षणों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल और गहरे हो सकते हैं।
(यह समाचार स्थानीय नागरिकों एवं शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों तथा उपलब्ध दस्तावेजी जानकारी पर आधारित है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
