
कटनी। कटनी जिले के कुठला थाना पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिला न्यायालय कटनी के अधिवक्ता यश खरे ने आरोप लगाया है कि उनके साथ हुई धक्का-मुक्की, अभद्रता, गाली-गलौज, मोबाइल छीनने के प्रयास और धमकी जैसी गंभीर घटनाओं की शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने FIR दर्ज करने के बजाय केवल NCR दर्ज कर मामले को टाल दिया।
अधिवक्ता द्वारा थाना प्रभारी को दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को बागेश्वर धाम नव निर्माण मठ के पास वाहन खड़ा करने को लेकर गौरव पांडे नामक व्यक्ति से विवाद हुआ। आरोप है कि आरोपी ने अश्लील गालियां दीं, धक्का-मुक्की की और जब घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया गया तो मोबाइल छीनने की कोशिश की, ताकि घटना का साक्ष्य न बन सके। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी के साथ 3-4 अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और घेरकर डराने-धमकाने का प्रयास किया।
अधिवक्ता का आरोप है कि शिकायत में मोबाइल छीनने के प्रयास, धमकी एवं अन्य संज्ञेय अपराधों का स्पष्ट उल्लेख होने के बावजूद पुलिस ने केवल BNS की धारा 352 एवं 115(2) के तहत NCR क्रमांक 0772/2026 दर्ज की। उनका कहना है कि NCR में भी घटना के वास्तविक तथ्यों का समुचित उल्लेख नहीं किया गया और FIR दर्ज नहीं की गई।
मामले में कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ता यश खरे ने पुलिस अधीक्षक कटनी, CSP कटनी, DIG जबलपुर, IG जबलपुर एवं DGP मध्यप्रदेश को ई-मेल के माध्यम से विस्तृत शिकायत भेजकर FIR दर्ज कराने, निष्पक्ष जांच कराने तथा घटनास्थल के CCTV फुटेज सुरक्षित करने की मांग की है। ई-मेल के साथ शिकायत पत्र एवं NCR की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।
इस पूरे मामले के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि शिकायत में संज्ञेय अपराध के आरोप थे, तो FIR दर्ज करने के बजाय केवल NCR क्यों दर्ज की गई? क्या शिकायत में वर्णित गंभीर आरोपों की अनदेखी की गई?
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस शिकायत पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या मामले में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए जाते हैं।
