
ग्रामीणों ने जनपद सीईओ से की शिकायत, पंचायत सचिव, जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच की मांग
कटनी। जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत ग्राम पंचायत कन्हवारा के वार्ड क्रमांक-6 (छैघरा) में सीसी सड़क निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। करीब एक वर्ष पहले शुरू हुआ सड़क निर्माण आज भी अधूरा पड़ा है, जिससे बरसात के दौरान ग्रामीणों का आवागमन दूभर हो गया है। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले के लिए पंचायत सचिव के साथ-साथ निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले संबंधित विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों द्वारा जनपद पंचायत कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को सौंपे गए शिकायत पत्र में बताया गया है कि लगभग आधा किलोमीटर सीसी सड़क निर्माण के लिए रेत, गिट्टी और अन्य सामग्री मौके पर डाली गई थी। कुछ दूरी तक कार्य करने के बाद निर्माण अचानक बंद कर दिया गया और पिछले एक वर्ष से सड़क अधूरी पड़ी हुई है। इससे विशेषकर बरसात के मौसम में वार्डवासियों को कीचड़ और जलभराव के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए लाई गई सामग्री का पूरा उपयोग संबंधित कार्य में नहीं किया गया। उनका कहना है कि लगभग 100 फीट सड़क बनाने के बाद शेष रेत, गिट्टी और सीमेंट को अन्य स्थानों पर उपयोग के लिए ले जाया गया। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी निर्माण सामग्री के दुरुपयोग और शासकीय राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला हो सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि वार्ड में लगभग छह वर्ष पहले नाली निर्माण हो चुका है, इसके बावजूद उसी स्थान पर पुनः नाली निर्माण की स्वीकृति दर्शाकर सरकारी धन खर्च किए जाने की तैयारी की जा रही है। वार्ड पंच द्वारा निर्माण कार्यों की जानकारी और दस्तावेज मांगे जाने के बावजूद पंचायत सचिव द्वारा कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी समय-समय पर निर्माण कार्य का निरीक्षण करते और गुणवत्ता की निगरानी करते, तो सड़क एक वर्ष तक अधूरी नहीं रहती। उनका आरोप है कि विभागीय उदासीनता और निगरानी के अभाव के कारण ही ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं।
क्षेत्रवासियों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराते हुए पंचायत सचिव, संबंधित विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल शिकायत जनपद पंचायत तक पहुंच चुकी है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया था। शिकायत में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं, जिनकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनपद पंचायत प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है।
