
शराब के नशे में आए दिन गाली-गलौज करने का आरोप; पीड़ित बहू बोली- मौका पाकर पूरे परिवार ने मिलकर किया हमला
कटनी। रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला शहर के सावरकर वार्ड क्रमांक-12, खरेनी क्षेत्र से सामने आया है। एक परिवार ने अपने ही बड़े पापा और उनके परिवार के सदस्यों पर घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि लंबे समय से शराब के नशे में गाली-गलौज और विवाद किया जा रहा था, लेकिन 29 जुलाई की रात मौका पाकर पूरे परिवार ने मिलकर हमला कर दिया, जिसमें पति, सास और ससुर घायल हो गए।
पीड़ित परिवार की बहू अंजली निषाद, पत्नी अभिषेक निषाद, ने बताया कि उनके बड़े पापा द्वारा आए दिन शराब पीकर परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज और विवाद किया जाता था। आरोप है कि 29 जुलाई की रात अचानक बड़े पापा अपने परिवार के साथ घर में घुस आए और बिजली बंद कर लाठी-डंडों से पूरे परिवार पर हमला कर दिया।
अंजली निषाद के अनुसार, हमले में उनके पति अभिषेक निषाद (24 वर्ष), पिता पुरुषोत्तम निषाद के सिर और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। वहीं उनकी सास बसंती निषाद (39 वर्ष) के सिर, हाथ और उंगलियों में चोटें आईं। उनके ससुर पुरुषोत्तम निषाद (55 वर्ष) के पीठ, हाथ और पैर में भी चोटें आई हैं।
“समय रहते घर से बाहर नहीं निकलते तो बड़ी घटना हो सकती थी”
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमला अचानक किया गया, जिससे घर में भय का माहौल बन गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते परिवार के सदस्य घर से बाहर निकलकर अपनी जान नहीं बचाते तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
एफआईआर में मुख्य आरोपियों के नाम नहीं जोड़ने का आरोप
अंजली निषाद का आरोप है कि घटना के बाद कटनी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एफआईआर में पूरी जानकारी दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि हमले में शामिल कुछ मुख्य आरोपियों के नाम भी रिपोर्ट में शामिल नहीं किए गए हैं।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि हमले में बनवारी निषाद, दीपक निषाद, संदीप निषाद, जयदीप निषाद, प्रदीप निषाद और सुनील निषाद शामिल थे।
एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार
अपने परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार 31 जुलाई को शिकायतकर्ता अंजली निषाद घायल पति, सास और ससुर के साथ कटनी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होने से ही उन्हें सुरक्षा और राहत मिल सकेगी।
वहीं मामले में पुलिस जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
