कटनी। शहर से सटे ग्राम कैलवारा कलां में तेंदुआ के पगमार्क मिलने से हड़कंप मच गया है। मैहर रोड क्षेत्र में तेंदुआ की मौजूदगी की आशंका के चलते आसपास के कई गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तेंदुआ को देखे जाने का दावा भी किया है, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर सक्रिय हो गई है।
जानकारी के अनुसार कैलवारा कलां के पास तेंदुआ के ताज़ा पगमार्क मिले हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची और मुनादी कराते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी। विभाग ने लोगों को दिन और रात में अकेले जंगल या खेत की ओर न जाने की सलाह दी है। पगमार्क के आधार पर तेंदुआ की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। तेंदुआ की आशंका के चलते चाका, लमतरा, घंघरीकला, खम्हरिया, मदनपुरा, पटवारा, पूंछी, करहिया और पठरा सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल है। किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं, वहीं बच्चे भी दहशत में हैं।
खेत की फेंसिंग में फंसा भालू, इलाज के बाद सुरक्षित भेजा गया जू इधर बहोरीबंद क्षेत्र अंतर्गत बाकल के पास खम्हरिया गांव में एक भालू खेत में लगी कांटेदार तार की फेंसिंग में फंस गया। भालू के फंसे होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद वन विभाग को सूचित किया गया। वन विभाग के बहोरीबंद रेंजर देवेश गौतम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जबलपुर से आए पशु चिकित्सक डॉ. अमोल रोकड़े और उनकी टीम ने भालू को ट्रैंक्यूलाइज कर चोटों का उपचार किया। रेस्क्यू के बाद भालू को मुकुंदपुर जू भेजा गया, जहां वह अब सुरक्षित और स्वस्थ है।
वन विभाग के अनुसार भालू की उम्र करीब 8 से 10 माह बताई जा रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि भालू शहद की तलाश में गांव की ओर आया था और इसी दौरान खेत की तार में फंस गया।
