जाति व्यवस्था से ऊपर उठकर हम सब हिंदू: बाल विदुषी संत स्तुति दुबे…

कटनी/”हमारे वर्णों में विक्षेपण था जातिवाद की विक्षेपणता नहीं थी यह हमारे द्वारा ही उत्पन्न हुआ, क्योंकि गुरुकुल में जब हम दीक्षा ग्रहण करने जाते थे तो हमारे गुरु ही यह निर्धारित करते थे कि जो बुद्धि में तेज है वह ब्राह्मण का कार्य करेगा, जो बल में श्रेष्ठ है वह क्षत्रिय का कार्य करेगा, और अगर इसकी व्यापार में बुद्धि तेज है तो यह वैश्य है तथा बाकी कार्य अन्य वर्ग के व्यक्ति करते थे। कोई भी कार्य छोटा बड़ा नहीं होता है , कार्य को करने वाले व्यक्ति का महत्व होता है।
आज हम विदेशी सभ्यता को अपनाते जा रहे हैं जबकि विदेश हमारी सनातन संस्कृति को अपना रहा है। सभी को एकजुट होकर के कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से माह में एक बार सामूहिक कुटुंब के साथ भोजन करना चाहिए तथा सामूहिक रूप से प्रतिदिन आरती में सम्मिलित होना चाहिए।
” उक्त आशय के आशीर्वचन बाल विदुषी कथावाचक संत स्तुति दुबे ने आज से कटनी नगर में प्रारंभ हो रहे हिंदू सम्मेलन में समाज से आह्वान करते हुए कहे।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे समाजसेवी अमित कनकने ने संघ के 100 वर्ष की यात्रा और हिंदुत्व के विषय पर प्रकाश डाला तथा पर्यावरण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य का विषय विस्तार से लिया और सभी से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने तथा जीवन में पांच वृक्ष लगाने का संकल्प दिलाया।
उल्लेखनीय है कि संघ की शताब्दी वर्ष के अवसर पर कटनी जिले में 132 हिंदू सम्मेलन होने जा रहे हैं जिसमें कटनी नगर में भी बस्तियों के 30 सम्मेलन होंगे जिसमें आज कटनी नगर की हिरवारा बस्ती में प्रथम हिंदू सम्मेलन का प्रारंभ हुआ ,कार्यक्रम में अन्य अतिथि के रूप में मंच पर दिनेश तिवारी जी तथा संतोषी बर्मन मुख्य रूप से उपस्थित रही।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कन्या पूजन, गौ माता पूजन के साथ शंख ध्वनि से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ ,सम्मेलन में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक जनों तथा मातृशक्तियों की उपस्थिति रही।भारत माता की आरती तथा सहभोज के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
संयोजक सोहन गौतम ने आभार प्रदर्शन एवं सह संयोजक पवन राजपूत,आकाश शर्मा ,हीरा चक्रवर्ती ने आगे भी सामाजिक जनों से संकल्प में सहयोग का आग्रह किया।
