11 नामजद सहित अन्य पर एफआईआर, रेलवे एक्ट की धाराओं में कार्रवाई
कटनी।पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मंडल अंतर्गत कटनी–सिंगरौली रेलखंड पर बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शंकरपुर भदौरा रेलवे स्टेशन के पास ग्रामीणों ने रेल रोको आंदोलन करते हुए करीब तीन घंटे तक रेल संचालन पूरी तरह ठप कर दिया। इस घटनाक्रम से पमरे मुख्यालय से लेकर रेलवे बोर्ड तक हड़कंप मच गया। माना जा रहा है कि रेलवे प्रशासन और उसका खुफिया तंत्र ग्रामीणों के आक्रोश की तीव्रता को भांपने में पूरी तरह असफल रहा।
जानकारी के अनुसार शंकरपुर भदौरा स्टेशन स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट क्रमांक 67/सी पर ग्रामीणों ने सुबह करीब 9.30 बजे धरना शुरू किया। शुरुआत में आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन मांगों पर ठोस आश्वासन न मिलने के कारण स्थिति उग्र होती चली गई। आंदोलन के चलते अप व डाउन दोनों लाइनों पर कई यात्री ट्रेनें प्रभावित रहीं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर फूटा आक्रोश
यह आंदोलन शंकरपुर भदौरा निवासी आनंद सिंह उर्फ ददुआ के नेतृत्व में किया गया, जिसमें आसपास के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में गाड़ी संख्या 11651/11652 सिंगरौली–जबलपुर–सिंगरौली इंटरसिटी एक्सप्रेस का शंकरपुर भदौरा स्टेशन पर एक मिनट का ठहराव और स्टेशन पर नियमित स्टेशन मास्टर की नियुक्ति शामिल थी। ग्रामीणों का कहना है कि स्टेशन होने के बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
लिखित आश्वासन पर अड़े रहे आंदोलनकारी
आंदोलन से पहले ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कुशमी (जिला सीधी) को ज्ञापन सौंप चुके थे, लेकिन समय पर कोई ठोस पहल न होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। सूचना मिलते ही थाना मड़वास व कुशमी का पुलिस बल, जीआरपी जबलपुर, कटनी एवं सिंगरौली के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने मौखिक आश्वासन दिया, लेकिन आंदोलनकारी जबलपुर मंडल से किसी वरिष्ठ रेलवे अधिकारी के मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे।
रेल प्रशासन ने दर्ज कराई एफआईआर
रेल प्रशासन ने आंदोलन के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए बताया कि दिनांक 28 जनवरी 2026 को शंकरपुर भदौरा स्टेशन पर रेल यातायात बाधित करने के मामले में 11 लोगों के विरुद्ध नामजद एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों पर रेलवे एक्ट की धारा 174/2 एवं धारा 147 के तहत आरपीएफ और जीआरपी द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
