ब्राह्मण समाज कटनी ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन—
कटनी।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा प्रस्तावित UGC (Promotion of Equity) Regulations, 2026 के विरोध में कटनी जिले के ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कलेक्टर कटनी के माध्यम से माननीय राज्यपाल, मध्यप्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इन नियमों को संविधान विरोधी बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि UGC के नए इक्विटी रेगुलेशन प्रशासनिक दृष्टि से त्रुटिपूर्ण होने के साथ-साथ भारतीय संविधान के मूल ढांचे और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित सिद्धांतों के भी विपरीत हैं। समाज का आरोप है कि यह नियमावली संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन करती है, क्योंकि इसमें सभी वर्गों को समान संरक्षण सुनिश्चित नहीं किया गया है।
ब्राह्मण समाज ने यह भी उल्लेख किया कि संविधान के अनुच्छेद 15 और 21 के अंतर्गत भेदभाव निषेध एवं गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया गया है, जबकि प्रस्तावित नियमों में बिना समुचित जांच, पारदर्शी प्रक्रिया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए दंडात्मक प्रावधान रखे गए हैं। इससे निर्दोष छात्रों एवं शिक्षकों की प्रतिष्ठा और भविष्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा गया है कि बिना जांच और न्यायसंगत प्रक्रिया के किसी भी प्रकार की कार्रवाई कानून का दुरुपयोग मानी जाएगी। समाज ने आशंका जताई कि ये नियम भविष्य में “कानून को हथियार” के रूप में उपयोग किए जाने का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
ब्राह्मण समाज की प्रमुख मांगें—
UGC (Promotion of Equity) Regulations, 2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
यदि नियम लागू किए जाते हैं तो सभी वर्गों को समान संरक्षण प्रदान किया जाए तथा झूठी शिकायतों पर कठोर दंड का प्रावधान किया जाए।
इक्विटी कमेटी में सभी वर्गों का समुचित प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया जाए।
अल्पसंख्यक एवं सामान्य वर्ग के अधिकारों का स्पष्ट और ठोस संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
ब्राह्मण समाज ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र ही इस विषय में ठोस और न्यायसंगत निर्णय नहीं लिया गया, तो समाज लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
