कटनी।कटनी नगर निगम में वर्षों से आम नागरिकों की समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराने के लिए 5 रुपये की पर्ची कटवाने की व्यवस्था चली आ रही है। आम हो या असहाय, नगर निगम से जुड़ी किसी भी समस्या को आवेदन के माध्यम से दर्ज कराने के लिए नागरिकों को पहले विविध एवं अन्य शाखा, काउंटर क्रमांक–37 में 5 रुपये का शुल्क जमा करना पड़ता है, उसके बाद ही उनकी शिकायत स्वीकार की जाती है।
यह व्यवस्था लंबे समय से आमजन में असंतोष का कारण बनी हुई थी। नागरिकों का कहना है कि अपनी समस्या बताने के लिए भी शुल्क वसूला जाना सरासर अन्याय है। वर्षों से नगर निगम इस नाममात्र की राशि के माध्यम से अपने कोष में वृद्धि करता रहा, जबकि शिकायतों के निराकरण की स्थिति जस की तस बनी रही।
इसी बीच अब नगर निगम में जनसुनवाई आयोजित किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बताया जा रहा है कि जनसुनवाई के माध्यम से नागरिक बिना किसी शुल्क के सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और शिकायतें रख सकेंगे।
यदि वास्तव में जनसुनवाई की शुरुआत होती है, तो यह व्यवस्था आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। हालांकि सवाल यह है कि वर्षों से 5 रुपये की पर्ची के सहारे चल रही शिकायत प्रणाली के बाद क्या अब नगर निगम वास्तव में जनता की आवाज को सीधे सुनने के लिए गंभीर हुआ है, या यह पहल भी केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी—इसका जवाब आने वाला समय ही देगा।
