शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों के लिए एक नई डिजिटल पहचान प्रणाली लागू की है। इस पहल के तहत अब प्रत्येक पंजीकृत ऑटो और ई-रिक्शा में क्यूआर कोड युक्त विशेष स्टीकर लगाया जा रहा है, जिसे स्कैन कर यात्री चालक से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अपनी शिकायत या सुझाव सीधे पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।
लगातार मिल रही शिकायतों—जैसे यात्रियों से अभद्र व्यवहार, तय किराए से अधिक वसूली और यातायात नियमों की अनदेखी—को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने यह व्यवस्था शुरू की है। इसी क्रम में मंगलवार को यातायात पुलिस द्वारा विशेष जागरूकता एवं सत्यापन अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में पंजीकृत लगभग 7500 ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का चरणबद्ध तरीके से पुलिस वेरिफिकेशन किया जा रहा है। वेरिफिकेशन पूर्ण होने के बाद प्रत्येक वाहन पर लगाए गए स्टीकर में चालक का नाम, मोबाइल नंबर, वाहन पंजीयन क्रमांक और पुलिस सहायता से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज रहेगा।

एएसपी ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य चालकों में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना है। जो चालक यातायात नियमों का पालन करेंगे, यात्रियों से शालीन व्यवहार रखेंगे और सुरक्षित ड्राइविंग करेंगे, उन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था में भी पारदर्शिता और सुधार आएगा। अभियान के दौरान यातायात थाना प्रभारी राहुल पांडे सहित यातायात विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
