
कटनी। शहर में काजलिया पर्व को लेकर जहां श्रद्धालुओं और नागरिकों में उत्साह है, वहीं प्रमुख आयोजन स्थल गाटर घाट तक पहुंचने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। बारिश के कारण आजाद चौक से गाटर घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह कीचड़ और कांदा (दलदलनुमा मिट्टी) फैल गया है। ऐसे में पर्व के अवसर पर घाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गाटर घाट कटनी में कजलिया मेले और पर्व से जुड़ा प्रमुख स्थल रहा है। � Gatar Ghat
बारिश ने बढ़ाई परेशानी
लगातार बारिश के चलते मार्ग पर पानी और कीचड़ जमा होने से पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा भी बना हुआ है। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग घाट पहुंचते हैं, ऐसे में बदहाल रास्ता किसी दुर्घटना को न्योता दे सकता है।
श्रद्धालुओं का सवाल—ऐसे कैसे होगा काजलिया पर्व?
स्थानीय लोगों का कहना है कि काजलिया पर्व शहर की परंपरा और आस्था से जुड़ा आयोजन है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग गाटर घाट पहुंचकर पर्व मनाते हैं, लेकिन इस बार रास्ते की स्थिति देखकर सवाल उठ रहा है कि कीचड़ और कांदे के बीच श्रद्धालु आखिर घाट तक कैसे पहुंचेंगे?
लोगों ने नगर निगम और संबंधित जिम्मेदार विभाग से मांग की है कि पर्व को देखते हुए तत्काल मार्ग से कीचड़ हटाकरलोगों ने नगर निगम और संबंधित जिम्मेदार विभाग से मांग की है कि पर्व को देखते हुए तत्काल मार्ग से कीचड़ हटाकर मुरम/गिट्टी डालकर रास्ते को चलने योग्य बनाया जाए। साथ ही घाट के आसपास साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और आवागमन की व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।साथ ही घाट के आसपास साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और आवागमन की व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
**अब देखना यह है कि पर्व से पहले जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है या फिर श्रद्धालुओं को इस बार भी कीचड़-कांदे के बीच ही काजलिया पर्व मनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।**
