
छोटी बहन निहू की शरारतों से परेशान, फिर भी सबसे ज्यादा प्यारा है बड़ा भाई अनमोल; रक्षाबंधन पर नोकझोंक के बीच दिखा भाई-बहन का अटूट प्यार
कटनी। भाई-बहन का रिश्ता ही कुछ ऐसा है, जिसमें प्यार भी है, तकरार भी, शिकायतें भी हैं और एक-दूसरे के बिना अधूरापन भी। रक्षाबंधन का पर्व इसी खूबसूरत रिश्ते को और खास बना देता है। इस बार राखी की खुशियों के बीच छोटी बहन निहू और बड़े भाई अनमोल की नोकझोंक ने इस रिश्ते की मिठास को और भी दिलचस्प बना दिया।
निहू भले ही छोटी है, लेकिन शरारतों में किसी से कम नहीं। कभी बड़े भाई अनमोल की चीजें बिना पूछे उठा लेना, कभी उसकी शिकायत लगाना और कभी बात-बात पर उसे चिढ़ाना उसकी मासूम शरारतों का हिस्सा है। दूसरी ओर बड़े भाई अनमोल भी बहन की हर शरारत पर नाराज होने का दिखावा तो करते हैं, लेकिन जब बात निहू की आती है तो उसकी हर खुशी का ध्यान रखना नहीं भूलते।
राखी बांधी, आरती उतारी और फिर शुरू हुई नोकझोंक
रक्षाबंधन के दिन निहू ने पूरे प्यार और उत्साह के साथ अपने बड़े भाई अनमोल की कलाई पर राखी बांधी। आरती और तिलक के बाद जैसे ही उपहार की बात आई, निहू ने अपने भाई से पहले ही अपनी पसंद बता दी। अनमोल ने भी मजाकिया अंदाज में कहा कि राखी बांधने के साथ बहन को भाई की हर बात माननी पड़ेगी। बस फिर क्या था, दोनों के बीच हंसी-मजाक और नोकझोंक का सिलसिला शुरू हो गया।
निहू ने भाई से वादा लिया कि वह उसे परेशान नहीं करेगा, जबकि अनमोल ने भी शर्त रख दी कि छोटी बहन उसकी चीजें बिना पूछे नहीं उठाएगी। दोनों की यह प्यारी तकरार देखकर परिवार के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।
लड़ते हैं, झगड़ते हैं… लेकिन एक-दूसरे के बिना नहीं रहते
भाई-बहन का रिश्ता अक्सर छोटी-छोटी बातों पर होने वाली लड़ाइयों से ही खूबसूरत बनता है। निहू और अनमोल की कहानी भी इससे अलग नहीं है। कभी टीवी के रिमोट को लेकर विवाद, कभी खाने की चीज को लेकर बहस तो कभी एक-दूसरे की शिकायत—लेकिन थोड़ी देर बाद दोनों फिर साथ दिखाई देते हैं।
यही इस रिश्ते की खासियत है। नाराजगी कुछ मिनटों की होती है, लेकिन प्यार जिंदगीभर का।
रक्षाबंधन इसी भावना को मजबूत करता है। बहन भाई की कलाई पर सिर्फ राखी नहीं बांधती, बल्कि अपनेपन और विश्वास का धागा बांधती है। भाई भी बहन की खुशी, सम्मान और सुरक्षा के लिए हमेशा उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।
निहू के लिए अनमोल सिर्फ भाई नहीं, उसका सबसे बड़ा सहारा
निहू के लिए अनमोल सिर्फ बड़ा भाई नहीं, बल्कि उसका दोस्त, साथी और कई बार उसकी शरारतों का साझेदार भी है। वहीं अनमोल के लिए निहू भले ही उसे परेशान करती हो, लेकिन उसकी मुस्कान सबसे ज्यादा मायने रखती है।
रक्षाबंधन का यह पर्व यही संदेश देता है कि भाई-बहन की छोटी-छोटी नोकझोंक ही रिश्ते में रंग भरती है। राखी का धागा भले ही कलाई पर बंधता है, लेकिन इसकी डोर सीधे दिल से जुड़ी होती है।
निहू की शरारतें और अनमोल का प्यार—यही तो है रक्षाबंधन की असली मिठास।
