
कटनी। ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में विकास कार्यों और पंचायत की राशि के उपयोग को लेकर विवाद सामने आया है। उपसरपंच भूरा भूषण पाठक ने पंचायत सचिव विष्णु चक्रवर्ती पर विभिन्न निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और अधूरे कार्यों के बावजूद राशि निकाले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर सचिव द्वारा उपसरपंच पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। उपसरपंच ने सचिव के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे अपने खिलाफ रचा गया षड्यंत्र बताया है।
उपसरपंच भूरा भूषण पाठक के अनुसार मंगलवार दोपहर को कोतवाली थाना क्षेत्र के गाटर घाट के पास उनकी सचिव विष्णु चक्रवर्ती से मुलाकात हुई। पंचायत के विकास कार्यों और स्वीकृत राशि के संबंध में जानकारी मांगने पर दोनों के बीच बहस हुई। उपसरपंच का आरोप है कि इसके बाद सचिव ने कथित रूप से अपनी शर्ट फाड़ ली और उनके खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत लेकर थाने पहुंच गए।

पुराने कार्यकाल को लेकर भी लगाए आरोप
उपसरपंच ने सचिव के पूर्व कार्यकाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सचिव विष्णु चक्रवर्ती पूर्व में पहाड़ी पंचायत में सचिव पद पर पदस्थ रहे हैं और वहां लंबे समय तक निलंबित भी रहे। उपसरपंच ने आरोप लगाया कि उस दौरान पंचायत के विकास कार्यों के नाम पर राशि के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई थीं तथा मामले में सचिव को जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अधूरे निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
उपसरपंच ने कैलवारा खुर्द पंचायत में वर्तमान में चल रहे कई निर्माण कार्यों पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि झुरही टोला गौशाला के पहले पुलिया निर्माण के लिए करीब 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्य से संबंधित राशि और मद की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है और मौके पर कार्य का बोर्ड भी नहीं लगाया गया।
इसी तरह कुम्हार मोहल्ला में करीब 5 लाख रुपये की लागत से बाउंड्री निर्माण कार्य स्वीकृत होने की जानकारी देते हुए उपसरपंच ने आरोप लगाया कि कार्य पंचायत स्तर पर होने के बजाय कथित रूप से ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है।
सड़कों की गुणवत्ता और भुगतान पर भी सवाल
उपसरपंच के अनुसार झुरही की निजी भूमि क्षेत्र में डस्ट से सड़क निर्माण कराया गया था, जो वर्तमान में पूरी तरह खराब हो चुकी है। इस मामले में सचिव को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगे जाने का दावा किया गया है।
वहीं जैन गौशाला के पास बनाई जा रही सड़क के लिए लगभग 6.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत होने की जानकारी देते हुए उपसरपंच ने आरोप लगाया कि सड़क का निर्माण अभी आधा-अधूरा है, जबकि पूरी राशि निकाले जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
सरपंच की भूमिका पर भी सवाल
उपसरपंच ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के सरपंच छुट्टू कोल को पंचायत में चल रहे कई कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं है और विकास कार्यों से संबंधित दस्तावेजों पर केवल अंगूठा लगवाया जा रहा है। हालांकि यह भी उपसरपंच के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
उपसरपंच भूरा भूषण पाठक ने मांग की है कि पंचायत में स्वीकृत कार्यों, उनके निर्माण की गुणवत्ता, भुगतान की स्थिति और उपयोग की गई राशि की उपसरपंच भूरा भूषण पाठक ने मांग की है कि पंचायत में स्वीकृत कार्यों, उनके निर्माण की गुणवत्ता, भुगतान की स्थिति और उपयोग की गई राशि की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि पंचायत के अधूरे निर्माण कार्यों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच होने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। कराई जाए। उनका कहना है कि पंचायत के अधूरे निर्माण कार्यों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच होने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
वहीं सचिव द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों और उपसरपंच द्वारा लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
