
कटनी। इंडियन कॉफी हाउस, कटनी में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक की अध्यक्षता में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इसमें छात्र हितों, जिले की शिक्षा व्यवस्था, प्रस्तावित पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज, शासकीय इंजीनियरिंग एवं लॉ कॉलेज की स्थापना सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर संगठन की आगामी रणनीति और मांगों को सामने रखा गया।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने कहा कि एनएसयूआई द्वारा दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा छात्र संघ चुनाव के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, ताकि विद्यार्थी स्वयं लोकतांत्रिक तरीके से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकें।
PPP मॉडल मेडिकल कॉलेज का विरोध जारी रखने का ऐलान
पत्रकार वार्ता में कटनी में प्रस्तावित पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज को लेकर भी एनएसयूआई ने विरोध दर्ज कराया। संगठन ने कहा कि छात्रों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था का विरोध हर स्तर पर जारी रखा जाएगा।
एनएसयूआई ने कटनी में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की मांग भी प्रमुखता से उठाई। संगठन का कहना है कि जिले के विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े, इसके लिए कटनी में ही बेहतर शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना आवश्यक है।
इसके अलावा शासकीय लॉ कॉलेज की स्थापना, महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने, रोजगारपरक एवं उपयोगी पाठ्यक्रम शुरू करने और कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की मांग की गई। संगठन ने तिलक कॉलेज को ऑटोनॉमस किए जाने की मांग भी उठाई।
‘भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने कटनी को 20 साल पीछे धकेला’
युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आपसी गुटबाजी के कारण कटनी जिले का विकास प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कटनी को शासकीय मेडिकल कॉलेज नहीं मिल पाना जिले की जनता के साथ अन्याय है।
मिश्रा ने सांसद वीडी शर्मा और विधायक संदीप जायसवाल से इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने विधानसभा में विधायक लखन घनघोरिया द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के उत्तर से कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज को लेकर किए जा रहे दावों की वास्तविकता सामने आई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कटनी में विकास कार्यों की गति धीमी है और कई मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।
कानून व्यवस्था और नशे-सट्टे के कारोबार पर भी सवाल
दिव्यांशु मिश्रा ने जिले की कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कटनी में नशे और सट्टे का कारोबार बढ़ रहा है तथा स्मैक, गांजा सहित अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से नशे तथा सट्टे के कारोबार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि जनप्रतिनिधियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
संजय पाठक के बयान पर भी साधा निशाना
भाजपा विधायक संजय पाठक द्वारा कटनी को बड़ा कस्बा बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए दिव्यांशु मिश्रा ने उन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक क्षेत्र का नेतृत्व करने के बावजूद कटनी के विकास के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए।
मिश्रा ने भूमि और खनन से जुड़े कई गंभीर आरोप भी लगाए और कहा कि संबंधित मामलों में सरकार को तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने खनन से जुड़ी कथित रिकवरी की राशि को कटनी के विकास में लगाने की मांग की।
एनएसयूआई ने पत्रकार वार्ता के अंत में स्पष्ट किया कि छात्र हित, शिक्षा व्यवस्था, शासकीय मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, लॉ कॉलेज, कॉलेजों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा जिले की मूलभूत जनसमस्याओं को लेकर संगठन अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगा।
पत्रकार वार्ता में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल, युवा कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या रंधेलिया, कमल पांडे, आईटी सेल प्रदेश उपाध्यक्ष शशांक गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष सचिन गर्ग, अभिषेक प्यासी और पार्षद विनीत जैसवाल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
