
अंतिम संस्कार की सूचना समय पर नहीं देने का आरोप, पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
कटनी। कुठला थाना क्षेत्र में करीब 22 वर्षीय युवक विवेक यादव की फांसी लगाकर हुई मौत को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की मां सुशीला यादव ने पुलिस को आवेदन देकर बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष एवं सूक्ष्म जांच की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि विवेक की हत्या करने के बाद शव को फांसी पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया हो सकता है। हालांकि, हत्या की आशंका से जुड़े इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मृतक की मां के अनुसार विवेक यादव, पिता पन्नालाल यादव, उम्र करीब 22 वर्ष, बचपन में उनके साथ रीवा में रहता था। करीब 12-13 वर्ष की उम्र के बाद उसके पिता उसे कटनी ले आए थे, जहां वह अपनी दादी मुन्नी यादव एवं अन्य परिजनों के साथ रहकर आटा चक्की चलाने का काम करता था। उसके पिता पन्नालाल यादव पुरैनी स्थित मैदा फैक्टरी में कार्यरत हैं और कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए क्वार्टर में रहते हैं।
परिवार को समय पर सूचना नहीं मिलने का आरोप
सुशीला यादव ने आवेदन में बताया कि 3 अगस्त 2026 को उन्हें बेटे की मौत की सूचना सीधे परिवार के सदस्यों से नहीं मिली। उनके अनुसार चाका-पुरैनी निवासी रेखा यादव ने उनकी बहन राजकुमारी यादव को मोबाइल फोन पर विवेक के फांसी लगाने और मौत होने की जानकारी दी। इसके बाद राजकुमारी यादव ने उन्हें घटना की सूचना दी, जिसके बाद वह कटनी के लिए रवाना हुईं।
मृतक की मां का आरोप है कि कटनी पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि विवेक का अंतिम संस्कार उसी दिन किया जा चुका था। उनका कहना है कि बेटे की मौत और अंतिम संस्कार की सूचना उन्हें अथवा परिवार के अन्य संबंधित सदस्यों को समय रहते नहीं दी गई। इसी बात को लेकर उन्होंने घटना की परिस्थितियों पर संदेह जताया है।
तस्वीरों में हाथ पर निशान दिखने का दावा
आवेदन में सुशीला यादव ने यह भी उल्लेख किया है कि उन्हें मोबाइल फोन पर भेजी गई कुछ तस्वीरों में विवेक के हाथों पर निशान दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर उन्होंने आशंका जताई है कि विवेक की मौत आत्महत्या के बजाय हत्या का मामला हो सकती है और बाद में शव को फांसी पर लटकाया गया हो।
हालांकि, तस्वीरों में दिखाई देने वाले निशानों की वास्तविक प्रकृति क्या है और उनका घटना से कोई संबंध है या नहीं, यह पुलिस की जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
संपत्ति विवाद का भी किया उल्लेख
मृतक की मां ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि विवेक अपनी दादी मुन्नी यादव के नाम दर्ज संपत्ति अथवा जमीन में अपने हिस्से की मांग कर रहा था। उन्होंने इस कथित संपत्ति विवाद को भी बेटे की संदिग्ध मौत से जोड़ते हुए जांच का विषय बताया है।
सुशीला यादव ने दीपक यादव, जित्तू यादव, मंगल यादव, कन्ही यादव, राजू यादव, पन्नालाल यादव एवं प्रिया यादव सहित कुछ परिजनों पर संदेह व्यक्त किया है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
पुलिस जांच से सामने आएगा मौत का सच
मृतक की मां ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध तस्वीरों, पोस्टमार्टम एवं अन्य साक्ष्यों सहित पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए। उनका कहना है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाए कि विवेक ने आत्महत्या की थी अथवा उसकी मौत के पीछे कोई अन्य कारण था।
अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत आत्महत्या थी या मामले में किसी आपराधिक साजिश की भूमिका रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस की निष्पक्ष जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।
