
धर्मपुरा मोहल्ला, ग्राम पंचायत कैलवारा कला। ग्राम पंचायत के सचिव रविशंकर तिवारी एवं जनपद पंचायत कर्मचारी आरती पाल पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, जिस भूमि पर सड़क निर्माण के लिए मुरुम डाले जाने की मांग की गई, उसे अधिकारियों द्वारा वन विभाग की भूमि बताया गया। जबकि इसी खसरे की भूमि पर लगभग चार वर्ष पूर्व प्राथमिक शाला का निर्माण हो चुका है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित भूमि का तहसीलदार द्वारा मौके पर निरीक्षण कर प्राथमिक शाला निर्माण का आदेश दिया गया था। विद्यालय का निर्माण पूरा होने के बाद उसका उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक संदीप जायसवाल द्वारा भी किया गया था।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि उक्त भूमि वास्तव में वन विभाग की है, तो उसी स्थान पर पंचायत द्वारा बबलू दहिया एवं सियालाल विश्वकर्मा के प्रधानमंत्री आवास कैसे स्वीकृत कर निर्मित कर दिए गए। उनका कहना है कि एक ही भूमि को अलग-अलग मामलों में अलग-अलग तरीके से दर्शाया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने तथा सड़क निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने की मांग की है। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत में नियमों के विपरीत मनमानी की जा रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
